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हजारों किलोमीटर पद विहार कर आई साध्वी परम तपस्वी आर्यिका 105 विभा श्री माताजी का झुमरीतिलैया आगमन पर जैन समाज ने की भव्य आगवानी
झुमरीतिलैया
हजारों किलोमीटर पद विहार कर आई साध्वी परम तपस्वी आर्यिका 105 विभा श्री माताजी का झुमरीतिलैया आगमन पर जैन समाज ने की भव्य आगवानी की।
इस मौके पर आज प्रातःजैन समाज की महिलाएं पुरुष बच्चे सभी सुबह बायपास मोड़ पर अपनी भक्ति और श्रद्धा प्रकट करने के लिए उनके अभिनंदन के लिए पहुंचे, चांडक कंपलेक्स,बाजार ,मंदिर में महिलाओं और बच्चियों के द्वारा कई स्थानों में रंगोली बनाया ,बैंड बाजे, जैन ध्वज, और जैन धर्म के जयकारों के साथ नगर भ्रमण करते हुए जैन साध्वी जैन मंदिर पहुंची,, पूज्य माता जी की भव्य अगवानी के लिए जैन समाज के कई महिलाएं पुरुष और बच्चे रात्रि में ही कोडरमा पहुंच गए और उनके साथ पैदल चलकर झुमरीतिलैया पहुंचे,
मंदिर में भगवान श्री 1008 पार्श्वनाथ, और भगवान महावीर की शांति धारा अभिषेक राज मल प्रदीप गंगवाल के परिवार को सौभाग्य मिला।

जैन समाज के मीडिया प्रभारी नवीन जैन और राजकुमार अजमेरा ने बताया की इस मौके पर आर्यिका श्री 105 विभा श्री माताजी ने अपने अमृतवाणी में भक्तजनों को कहा कि झुमरीतिलैया नगरी एक पवित्र और धार्मिक नगरी है यहां के लोग धर्म और संस्कृति के प्रति संस्कारवान है आस्था और भक्ति के कारण ही संत जनों के चरण कोडरमा की धरती पर हमेशा पढ़ते रहते हैं, इस मौके पर जैन समाज के मंत्री ललित सेठी ने कहा कि पूज्य माता जी परम विदुषी और ज्ञानवान है हम सभी लोगों को उनके अमृत प्रवचन सुनने का लाभ मिलेगा पूज्य माताजी अपने 10 शिष्यों के साथ हजारों किलोमीटर पैदल चलकर जगह जगह अहिंसा सत्य और शांति का ज्ञान फैलाकर कोडरमा जिले में आई है यह हम सभी लोगों के लिए गौरव और पुण्य की बात है,
हम सभी बहुत ही भाग्यशाली हैं कि उनका दर्शन और प्रवचन का लाभ मिलेगा।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
