सुख की उम्मीद से दुःख का इलाज नहीं होता। धर्म पर निर्भर होना बहुत महत्वपूर्ण है अभिनव भट्टारक् स्वामी

धर्म

सुख की उम्मीद से दुःख का इलाज नहीं होता। धर्म पर निर्भर होना बहुत महत्वपूर्ण है अभिनव भट्टारक् स्वामी

श्रवणबैलगोला

परिवार के सभी प्राणी दुःख से अवकाश लेना चाहते हैं। सुख की उम्मीद से दुःख का इलाज नहीं होता। धर्म पर निर्भर होना बहुत महत्वपूर्ण है, यह उदगार  श्रवणबेलागोला जैन मठ के नए उपाध्यक्ष स्वस्तिश्री अभिनव चारुकीर्ती भट्टारक स्वामीजी ने कहेसोमवार को उन्होने -बोलते हुए कहा की, समाज में सभी का सम्मान रुपी व्यवहार करना भी मानव धर्म है, उन्होने कहा साधुओं की तपस्या के रूप में श्रवणबेलागोला एक ऐसा पवित्र स्थान है जहां भगवान बाहुबली आत्मसमर्पण के लिए आदर्श है,
                
                           
                 
        
अपने दीक्षा गुरु को आदर्श बताया
पूज्य श्री ने अपने गुरु को आदर्श बताते हुए कहा की  21वी सदी मे भगवान बाहुबली की महिमा विश्व में फैलाने के लिए हमारे दीक्षा गुरु कर्मयोगी चारुकीर्ती भट्टारक् महास्वामीजी की देन है। उनकी 54 वर्ष की क्षेत्र सेवा हजारों वर्षों से आदर्श है। उनका ज्ञान, विनम्रता और इतिहास हमारे जीवन के प्रकाश का कारण है। उनके कार्यों से यह क्षेत्र अमर है। हम दुआ करते हैं कि उनका आशीर्वाद हम पर सदा बना रहे इस क्षेत्र पर कई आचार्य,मुनि,संतों का स्नेह है,कहा की भविष्य में उनका आशीर्वाद लेंगे।
       
श्रवणबेलागोला के स्थानीय लोगों और समस्त जैन समाज की पूर्व में इस क्षेत्र पर अनूठी भक्ति है, यहां के सभी विकास कार्यों में उनका सहयोग रहे, यही कामना है। हम आशा करते हैं कि केंद्र और राज्य सरकार का सहयोग पूर्व मे भी मिलता रहा और भविष्य में भी मिलता रहे।
*नव श्री के शुभ संकल्प:*
नवीन स्वामीजी ने शुभ संकल्प लिए
1. परम पूज्य जगद्गुरु कर्मयोगी स्वस्तिश्री चारुकीर्ती महास्वामी द्वारा किये गए सभी कार्यक्रम जारी रखेंगे। इसी तरह हम सभी धार्मिक केंद्रों के जीर्णोद्धार कार्य, निर्माण कार्य जारी रखेंगे।
2. हम सभी शिक्षण संस्थानों, सार्वजनिक सेवाओं को यथासंभव जारी रखेंगे।
3. भण्डारा बसदी श्रीमठ का कार्य जारी रहेगा

4. पूज्य गुरु के गुरुभवा एवं अन्य के नवीकरण संकल्प के लिए प्राकृतिक विश्वविद्यालय

विश्वविद्यालय की परियोजना जारी रखने का कार्य कर रहे हैं।
5. हम दान विरासत को जारी रखेंगे।
       
नवीन स्वामीजी महाराज पर एक नज़र
कुछ दिन पहले अपने सौम्य स्वभाव और धार्मिक भक्ति से प्रभावित श्रीक्षेत्र श्रवणबेलागोला के स्वस्तिश्री चारुकीर्ती भट्टारक स्वामीजी ने उन्हें दीक्षा और  शिक्षा देने का निर्णय लिया। बस इसी तरह 02 -12 – 2022 के शुभ दिन पर श्रवणबेलागोला जैन मठ  का उत्तराधिकारी नियुक्त किया गया।और 27 मार्च 2023 को उन्हे विधिवत इस पद पर शोभायमान किया गया
                                 संकलन अभिषेक जैन लूहाडीया रामगंजमंडी

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