जैन मुनियों का जम्बू स्वामी तपोस्थली बोल खेड़ा पर हुआ मंगल प्रवेश तपोभूमि बोलखेड़ा साधकों की साधना का अतिउत्तम स्थल मुनि ज्ञानानंद महाराज
बोलखेड़ा
जैन धर्म के अंतिम अनुबंध केवली भगवान जम्बू स्वामी की तपोस्थली बोलखेड़ा पर दिगंबर जैन आचार्य वसुनंदी महाराज के शिष्य मुनि ज्ञानानंद महाराज का ससंघ मंगल प्रवेश हुआ तो प्रबंधकारिणी समिति ने मुनि संघ की पाद प्रक्षालन व आरती उतारकर की आगवानी।
तपोस्थली के प्रचार प्रभारी संजय जैन बड़जात्या ने बताया की दिगम्बर जैन मुनि संघ का पद्मप्रभु अतिशय क्षेत्र पदमपुरा जयपुर से लगभग 220 किलोमीटर का पद विहार करते हुए तपोस्थली बोलखेड़ा पर मंगलवार सांय मंगल प्रवेश हुआ। मुनि संघ में मुनि ज्ञानानंद महाराज के साथ मुनि संयमानंद महाराज,मुनि शिवानन्द महाराज,मुनि प्रशमानंद महाराज व दो क्षुल्लक महाराज का भी क्षेत्र पर पदार्पण हुआ।

इस अवसर पर मुनि ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि बोलखेड़ा का यह पावन क्षेत्र साधको की साधना के लिए अति उत्तम स्थल है प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण,अरावली पर्वतमाला के मध्य स्थित प्रदूषण से मुक्त और शांत क्षेत्र है।
मुनि शिवानन्द महाराज ने कहा कि यह कठोर तपोभूमि तो है ही साथ ही यहां दिव्य शक्ति भी विराजमान है।
23 मार्च को वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव तपोस्थली के अध्यक्ष रमेश गर्ग व महामंत्री अरुण जैन बंटी के अनुसार मुनि संघ के सानिध्य में भगवान जम्बूस्वामी की वेदी प्रतिष्ठा का आयोजन 23 मार्च को मनोज शास्त्री दिल्ली के निर्देशन में आयोजित किया जाएगा। मंगल प्रवेश के अवसर सागर चन्द जैन दिल्ली,अजय जैन पच्छिम विहार,महेंद्र जैन जुरहरा,मोहन जैन बोलखेड़ा, सुभाष जैन ,बुगला गुर्जर,भगवान जैन,मुकेश जैन,मिथलेश जैन दिल्ली सहित बोलखेड़ा पर अनेकों जैन श्रावक श्राविकाएं उपस्थित रहे।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
