इच्छाओं को छोटी कर लो सब अच्छा ही अच्छा ही अच्छा है सुधा सागर महाराज

धर्म

इच्छाओं को छोटी कर लो सब अच्छा ही अच्छा ही अच्छा है सुधा सागर महाराज

महरोनी
यशोदय तीर्थ महरोनी
निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव सुधासागर महाराज ने उद्बोधन देते हुए कहा की इच्छा को छोटी कर लो बस सब अच्छा ही अच्छा है।

उन्होंने सीख देते हुए कहा की.गाली का प्रतिकार नहीं करना यदि दुश्मन ने हमको गाली दी हम उसका बुरा मान लेते है, लेकिन जितना हम गाली को समता पूर्वक सहन करेगे,और ,प्रतिकार का भाव नही मन में नही आना चाहिए। कीउसने गाली दी में मजा चकाऊंगा। इससे हमारी कमाई समाप्त हो रही है।

 

 

 

पूज्य श्री ने कहा यदि हमे कोई गाली दे तो हमे एक उपवास का पुण्य लग रहा है,आजकल हम प्रतिशोध की आग मे जल रहे है, बदला लेने की सोच रहे है। इससे हमारा पुरा पुण्य समाप्त हो रहा है।

 

 

पूज्य श्री ने इच्छाओं को सीमित करने की सीख देते हुए कहा कि-इच्छा को छोटी कर लो बस सब अच्छा ही अच्छा है।
जो हम देख नही पाते उसे देखनी की इच्छा मत करो,हमारी कितनी भी आंख तेज हो जाये हम सम्पूर्ण नही देख पाते।

 

 

 

 

दुख कम है पर दुखी ज्यादा हो रहे हैं।
उन्होंने कहा -प्रत्येक व्यक्ति जो चाहता है वो नही चाह पा रहा है,जो खाना चाहता है वो नही खा पा रहा है जो करना चाहता है वह नही कर पा रहा हैं यही से शुरूआत होती है डिप्रेशन की,जो हम देख रहे है उसका आनंद नही ले पा रहा है। दुख कम है लेकिन दुखी ज्यादा हो रहे हैं।जो मे चाहता है वह नही हो पा रहा है। उदाहरण के माध्यम से समझाया की एक साइ‌किल वाला साइकिल चलाता है लेकिन गाड़ी की इच्छा है तो साइकिल चलाने का मजा खत्म हो रहा है।किस्मत फूटी कहता है।यदि किस्मत फुटी होती तो साइकिल भी नही होती है। यदि किस्मत फूटी होती तो भगवान गुरु के दर्शन पुजन अभिषेक कैसे कर पाते।

 

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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