आचार्य श्री विद्यासागर महाराज की प्रेरणा से एवं उनके आशीष से संचालित अहिंसामयी प्रकल्पों के ऊपर प्राची जैन गोधा ने तैयार किए आकर्षक अष्टद्रव्य के थाल
मुंबई
विश्व वंदनीय आचार्य श्री विद्यासागर महाराज जो जन जन के आराध्य संत है उनकी साधना, तप, त्याग की चर्चा से कोई अछूता नहीं है।पूज्य आचार्य श्री ने स्व व पर कल्याण हेतू अनेकों ऐसे मार्ग बताए जिन पर आज भारत ही नहीं अपितु समूचा विश्व मानवता का पाठ सीख सकता है एवं स्वजीवन को उन्नति प्रदान कर सकता है। पूज्य श्री द्वारा बालिका शिक्षा हेतु प्रतिभास्थली, गौ संरक्षण हेतु दयोदय गोशाला, शुद्ध घी हेतु शांतिधारा गिर गोशाला, शुद्ध एवं प्रासुक आयुर्वेदिक हेतु पुर्णायू, अहिंसक वस्त्र हेतु हथकरघा आदि योजनाएं गतिरत है जो मानव मात्र का कल्याण कर रही है।
आपइन्ही प्रकल्पो का सजीव चित्रण देती अष्ट द्रव्यों के विशेष थाल में रामगंजमंडी निवासी सुरेश रेखा बाबरिया (दोतड़ा वाले) की पुत्री प्राची अंकित गोधा (जवाहर नगर, कोटा वाले) ने मुंबई मलाड में स्थित जैन मंदिर संस्कार धाम में आयोजित अष्टाह्निका महापर्व के अवसर पर बनाई जो गुरुजी की प्रेरणा से चल रहे प्रकल्पो का सजीव चित्रण प्रस्तुत करती है। संस्कारधाम में परम पूज्य मुनिश्री प्रमाणसागर जी महाराज के प्रेरणा से मूलभाषा – संस्कृत में रचित 8 दिवसीय सिद्धचक्र महामंडल विधान का आयोजन भी हो रहा है ।

इन अष्ट द्रव्य के थाल के विषय में प्राची गोधा ने बताया की मेरी आचार्य श्री के प्रति आगाध श्रद्धा है, गुरु के प्रति समर्पण का भाव लिए यह भाव मेरे मन में आया और गुरु के द्वारा मानव कल्याण के प्रति जो प्रकल्प उनकी प्रेरणा से संचालित हैं उनका विवरण जन जन तक पहुंचे इस भावना को लेकर यह थाल सजाने का मन मेरे भाव में आया और गुरु के प्रति मेरी और से इससे बेहतर विनयांजली और क्या होगी।


उन्हें यह थाल सजाने में दिन रात अथक परिश्रम करते हुए 8 दिन का वक्त लगा। जो भी इन थाल की सजावट को देख रहा है वह अपने आप में गदगद भावों से भर जाता है और गुरु चरणों में अपने श्रद्धा भाव प्रकट करते दिखाई पड़ता है।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट
