तपोदय तीर्थ पर महामिलन

धर्म

तपोदय तीर्थ पर हुआ दो संतो का हुआ महामिलन


बिजोलिया
भगवान पार्श्वनाथ की तपोस्थली तपोदय तीर्थ पर बिजोलिया में औऱ इतिहास जुड़ गया जब आचार्य अनुभवसागर महाराज संघ व मुनि विद्यासागर महाराज संघ का महमिलन हुआ।
जानकारी देते हुए पंकज जैन हरसौरा ने बताया कि पूज्य विद्यासागर महाराज संघ की आहारचर्या चाँद की खेड़ी ग्राम में हुई मध्यान बेला एक वात्सलय का रूप बन गई जब आचार्य अनुभव सागर महाराज


संघ सहित स्वय एक किलोमीटर पहले विद्यासागर महाराज संघ की आगवानी करने वह क्षण अभूतपूर्व हो गए जब ज्ञान की दो धाराओं का महामिलन हुआ। जो वात्सलय का प्रतीक बन गयी। वही दोनो संघ ने एक साथ जिनालय के दर्शन किये वही दोनो मुनिराजों ने अपना मंगल उदबोधन दिया जो भाव विभोर कर गया। मुनि श्री विद्यासागर महाराज ने कहा यह वह पावन भूमि है जहां उपसर्ग हुए भी और उपसर्ग दूर भी हुए। यही वह भूमि जहां पार्शवनाथ भगवान बने।बहुत समय से यहां के दर्शन की थी जो आज पूर्ण हुई।वही अनुभव सागर महाराज ने अपने उदबोधन में कहा सन्त कब कहा आए कहा जाए यह कहा नही जा सकता वही सन्तो का मिलन एक दुर्लभ समागम होता है। जो अनन्त पुण्य से मिलता है। वही मंदिर के प्रवेश द्वार पर समिति के द्वारा मंगल आगवानी की गयी। वही इस अनुपम बेला एक औऱ अनुपम कार्य हुआ,जिसमे समस्त महाराज श्री द्वारा एक श्रावक जो अंतिम समय मे था उसे संबोधन किया।


अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमडी की रिपोर्ट

 

 

 

 

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