वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज सानिध्य में संपन्न हुए भक्तामर महामंडल विधान के समापन पर निकली भव्य रथ यात्रा

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वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज सानिध्य में संपन्न हुए भक्तामर महामंडल विधान के समापन पर निकली भव्य रथ यात्रा

किशनगढ़

श्री मुनीसुव्रत नाथ दिगंबर जैन पंचायत द्वारा आयोजित वृहद भक्तामर महामंडल विधान का समापन शुक्रवार को विश्व शांति हेतु महायज्ञ हवन के साथ श्री जी की भव्य रथ यात्रा के साथ संपन्न हो गया। आरके कम्युनिटी सेंटर से मुनिसुव्रतनाथ दिगंबर जैन मंदिर यह रथयात्रा पहुंची जहां श्री जी को मंदिर जी में विराजमान किया गया।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

रथ यात्रा में श्री जी को विराजमान करने का सौभाग्य सौभाग्य कुमार राजकुमार चौधरी परिवार को प्राप्त हुआ। श्री जी की रथ यात्रा में खजांची बनने का सौभाग्य महावीर प्रसाद, अमोलकचंद, कमल कुमार, मनोज कुमार, प्रकाश कुमार, कैलाश, कार्तिक बड़जात्या परिवार कालानरडा वाले को प्राप्त हुआ।

आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज ने भक्तामर का महत्व समझाया इसका इतिहास बताया
पूज्य आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज के सानिध्य में यह महामंडल विधान विगत कई दिनों से चल रहा था जिसमें कई आयोजन हुए पूज्यश्री ने भक्तामर महामंडल विधान का महत्व समझाया वह इसकी रचना के बारे में व इतिहास के बारे में सभी को बताया उन्होंने बताया भक्तामर महामंडल विधान के 48 पदों के 2688 बीजाक्ष्ररो के अर्ध शारीरिक रोगों को दूर करने के लिए समर्पित किए गए।

 

पूज्यश्री ने बताया कि भक्तांमर सूत्र की रचना इसीलिए हुई की धार नगरी के राजा राजा भोज द्वारा श्री मानतुंग आचार्य को 48 कमरे में 48 तालों में बंद कर दिया था तब आचार्य श्री ने भगवान श्री आदिनाथ की स्तुति की रचना करते हुए भक्तामर स्तोत्र के 48 पदों की रचना की। इस स्तोत्र का प्रभाव यह हुआ जैसे ही एक एक श्लोक पूर्ण होता गया और एक एक ताले स्वत टूटते चले गए।

महामंडल विधान के अंतर्गत संध्या बेला में भव्य संगीतमय भक्ति में झूमते गाते मंगल आरती की गई। अध्यक्ष विनोद पाटनी, आर के मार्बल परिवार से अशोक पाटनी, सुरेश पाटनी, सुशीला पाटनी, शांता पाटनी, एवम दिलीप कासलीवाल, कैलाश पाटनी, गौरव पाटनी, राजकुमार दोषी, मनीष गोधा, नीरज अजमेरा, कार्तिक जैन सहित हजारों की संख्या में भक्तगण मौजूद रहे।

 

प्रचार मंत्री गौरव पाटनी ने जानकारी सांझा करते हुए बताया कि 24 फरवरी की अनुपम बेला में आचार्य श्री धर्म सागर महाराज का 55 वा आचार्य पदारोहण दिवस एवं आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज का 55 वा दीक्षा दिवस मनाया गया। जिसमें दोनों आचार्य भगवनतो की विशेष पूजन दोनो आचार्य की विशेष पूजन 55 विशेष द्रव्यों आकर्षक थाल सजाते हुए फल, सूखे मेवे,पुष्प ,आदि से की गई

 

शनिवार की बेला में आचार्य श्री धर्म सागर दिगंबर जैन शिक्षण संस्थान के नवीन भवन का लोकार्पण समारोह पूज्य गुरुदेव श्री वर्धमान सागर महाराज के सानिध्य में मध्यान्ह की बेला में दोपहर 12:15 बजे बालाजी मंदिर के निकट विद्यालय में संपन्न होगा।

राजेश पंचोलिया वात्सल्य भक्त परिवार से प्राप्त जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट

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