*अन्तर्मना आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर जी महामुनिराज का मंगल विहार *उदगांव की ओर हुवा।*
निमियाघाट(पारसनाथ)-
निमियाघाट में भब्य पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव सपन्न कर मंगल विहार भारत गौरव साधना महोदधि विश्व के प्रथम सिंहनिष्कड़ित व्रत कर्ता अन्तर्मना आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर जी महाराज एवं सौम्यमूर्ति उपाध्याय 108 श्री पीयूष सागर जी महाराज ससंघ का विहार निमियाघाट से 23 फरवरी को हुवा ।आज प्रातः गुरु भक्ति के साथ पारसनाथ की छत्र छाया में अभिषेक,बृहद शांतिधारा विश्व शांति कल्याण मंदिर विधान निमियाघाट में किया दिन में सामयिक स्वाध्याय कर सेकड़ो भक्तों को मंगल आशीर्वचन में बताया कि यह निमियाघाट बहुत एक अतिशय क्षेत्र है मैं आज से 661 दिन पूर्व अप्रैल 2021 में निमियाघाट मैं अपने 2 मुनिराजों के साथ आया था यहां आने के बाद जून 2021 में पांच दीक्षा निमियाघाट के धरती में हुई थी और अभी सम्मेद शिखर में यात्रा कर वापस निमियाघाट आया तो 17 पीछी हो गई है।
यह इस धरती का प्रभाव है ये क्षेत्र अतिशय क्षेत्र ही नही सिद्ध क्षेत्र भी है । यहां आने से सम्मेद शिखर के पहाड़ पर विराजित पारसनाथ टोंक के दर्शन होता है यह भूमि बहुत ही ऊर्जावान है मैं सभी लोगों से कहता हूं कि जब भी सम्मेद शिखर आए इस निमियाघाट के अतिशय उक्त 1008 पारसनाथ भगवान की दर्शन अवश्य करें



इस क्षेत्र में ये सबसे पुरानी पारसनाथ की प्रतिमा है यहां मन से भी जो भी मांगो आपकी सभी कार्य पूर्ण होते है और होंगे आचार्य श्री ने सभी भक्तों को खूब-खूब आशीर्वाद दिया ओर कहा की सम्मेद शिखर के पारसनाथ के स्वर्णभद्र कूट पर तपस्या का एक अनमोल क्षण प्राप्त किया।

इस मंगल विहार में संघपति दिलीप जैन हुम्मड ,डी. के.जैन अहमदाबाद, मनोज-नीलू जैन छाबडा ,अजय जैन छाबडा लालगोला ,आकाश जैन इंदौर,दिगम्बर सिंह, आदि मौजूद थे। जैन राज कुमार अजमेरा,मनीष सेठी अन्तर्मना कोडरमा मीडिया प्रभारी
