आरोन में एक नया इतिहास रच रहा है मुनि श्री दुर्लभ सागर महाराज का मंगल चातुर्मास

धर्म

आरोन में एक नया इतिहास रच रहा है मुनि श्री दुर्लभ सागर महाराज का मंगल चातुर्मास

आरोन। मध्य प्रदेश के गुना जिले में स्थित है एक छोटा कस्बाई नगर आरोन।आरोन में 300 घर की जैन समाज है यहां पर चार-चार आकर्षक और भव्य विशाल जैन मंदिर हैं। धर्म भक्ति आस्था होने से यहां लगातार समय-समय पर मुनि महाराज एवं आर्यिका माता जी के मंगल चातुर्मास इस धर्म नगरी को प्राप्त होते रहते हैं। 

 

 

पूज्य मुनि श्री 108 दुर्लभ सागर महाराज मंगल प्रवचन देते हुए
आस्था श्रद्धा उमंग से परिपूर्ण भक्ति करते भक्त दृश्य

सबसे पहले 1994 में आचार्य विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य 108 मुनि श्री नियम सागर जी महाराज ने 1994 में दो अन्य महाराज ने यहां पर चतुर्मास किया था ।इसके पश्चात यहां कई वर्षों तक आरोन नगर में किसी जैन साधु संघ का चातुर्मास नहीं हुआ लेकिन वर्ष 2002 में आचार्य कल्प श्री विवेक सागर जी महाराज की शिष्या एवं आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की आज्ञानुवर्ती 105 श्री विज्ञान मति माताजी (6 आर्यिका) ने यहां पर अपना चातुर्मास किया। इस चातुर्मास के बाद आरोन जैन समाज में धर्म के प्रति जो चेतना जागृत हुई उस चेतना ने इस नगरी को धर्म नगरी आरोन के रूप में स्थापित कर दिया।

 

 

आर्यिका 105 श्री विज्ञान मति माताजी ने सच्चे देव शास्त्र गुरु के प्रति जो अकाट्य श्रद्धान जागृत किया उसके पश्चात मुनि श्री क्षमा सागर जी,अभय सागर जी,श्रेयांसागर जी,भव्य सागर जी,स्वभाव सागर जी,प्रशांत सागर निर्वेग सागर जी,विशद सागर जी,आर्यिका श्री ऋजु मति माताजी,आर्यिका श्री आदर्शमति माताजी जैसे महान संतों के चातुर्मास इस आरोन नगर को प्राप्त हुए।

 

 

 

आरोन वाले अरनाथ बाबा एवं गुरुओं के आशीर्वाद व गुरु आज्ञा से आरोन जैन समाज का सन् 2002 से प्रचार प्रसार का कार्य संभालने वाले सुनील झंडा ने बताया कि सन् 2017 में ही आरोन में वर्तमान आचार्य श्री समय सागर जी महाराज सहित 86 पिच्छिकाओं के मंगल सानिध्य में हुआ भव्य पंच कल्याणक एवं गजरथ महा महोत्सव एक अविस्मरणीय याद बन चुका है। वर्तमान में आरोन नगर में आचार्य श्री विद्यासागर जी एवं नव आचार्य श्री समय सागर जी महाराज के आशीर्वाद से पूज्य मुनि श्री108 दुर्लभ सागर जी महाराज एवं छुल्लक105 श्री निर्धूम सागर जी महाराज का मंगल चातुर्मास नगर में जारी है।

 

 

आरोन में जारी मुनि श्री दुर्लभ सागर जी महाराज के इस मंगल चातुर्मास में ऐतिहासिक रूप से जो धर्म प्रभावना हो रही है उसे भूतों ना भविष्यति की संज्ञा दी जा सकती है।

आरोन नगर के सभी महिला, पुरुष,वृद्ध एवं युवाओं के साथ साथ यहां के छोटे छोटे बच्चे भी मुनि श्री दुर्लभ सागर जी महाराज से इतने प्रभावित हैं कि दस लक्षण महापर्व पर मुनि श्री के मंगल सानिध्य में दस दिवसीय जो आत्म उत्थान श्रावक संस्कार शिविर लगाया जा रहा है उसमें वृद्ध और प्रौढ़ावस्था के लोगों के साथ साथ छोटे-छोटे बच्चे भी इस शिविर के माध्यम न सिर्फ धार्मिक संस्कार प्राप्त कर रहे हैं वरन धर्म प्रभावना करने में सहायक बन रहे हैं एवं सभी मुनिराज की भक्ति में लीन हैं।

 

पूज्य मुनि श्री दुर्लभ सागर जी के द्वारा अलग-अलग समय पर प्रतिदिन विभिन्न कक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है इन कक्षाओं में अलग-अलग धर्म ग्रंथो के साथ-साथ योग ध्यान आसन प्राणायाम की कक्षाएं भी लगाई जा रही हैं। योग ध्यान एवं ज्ञान की इन कक्षाओं के माध्यम से आरोन जैन समाज के साधर्मी जन जटिल से जटिल ज्ञान की भी सरलता से सीख रहे हैं और अपने भीतर छिपी आंतरिक शक्तियों से भी परिचय प्राप्त कर रहे हैं।

      

    

सुनील जैन झंडा आरोन से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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