नवीन वेदी में विराजित हुए मूलनायक आदिनाथ भगवान तीन दिवसीय वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव भक्ति उल्लास के साथ संपन्न हुआ

धर्म

नवीन वेदी में विराजित हुए मूलनायक आदिनाथ भगवान
तीन दिवसीय वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव भक्ति उल्लास के साथ संपन्न हुआ

अकलेरा
हाडोती की सुप्रसिद्ध नगरी अकलेरा में तीन दिवसीय वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव सोमवार को सानंद संपन्न हो गया। यह आयोजन सकल दिगंबर जैन समाज एवं अग्रवाल दिगंबर जैन समाज अकलेरा के तत्वाधान में संपन्न हुआ।

सोमवार की बेला में विश्व शांति महायज्ञ संपन्नता के साथ हुआ। यहां की मूलनायक आदिनाथ भगवान की प्रतिमा लगभग 800 वर्ष प्राचीन है जो अत्यंत भव्यता लिए हुए यह प्रतिमा अपने आप में आतिशययुक्त है। और सभी का मन मोह लेती है। प्रतिमा जी को नवीन वेदिका में विराजमान किया गया साथ ही 13 जिन प्रतिमाओं को भी भक्ति भाव उल्लास के साथ विराजमान किया गया। जय जयकारों के बीच वातावरण भक्तिमय बना हुआ था।

 

 

 

 

 

सोमवार की बेला में प्रतिमा विराजमान करने से पूर्व श्रीजी का अभिषेक शांतिधारा संपन्न हुई। समस्त क्रिया ब्रह्मचारी संजय भैया एवं अंशुल भैया के कुशल मार्गदर्शन में सानंद संपन्न हुई। भैया जी द्वारा अपनी पीयूष वाणी से सभी को जिनवाणी का रसपान कराया। वही आयोजन के क्रम में शनिवार की बेला में भगवान नेमिनाथ की बारात निकाली गई और नेमी राजुल का संवाद भी प्रस्तुतीकरण दिया गया। जो भगवान नेमिनाथ के वैराग्य के क्षणों का चित्रण प्रस्तुत कर रही थी। इसमें रामगंजमंडी, झालावाड़, असनावर, पिड़ावा, हाडोती के अनेक नगरों व दूरदराज के भक्त शामिल हुए।

 

 

भक्ति में झूमते गाते नवीन प्रतिमाओं की नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई

इस आयोजन का उल्लास तब और देखते बना जब नवीन जिन प्रतिमाओं की भव्य शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। इस भव्य अति भव्य शोभायात्रा अग्रवाल धर्मशाला से प्रारंभ हुई जिसमें सुसज्जित बग्गी, शोभायमान थी। ध्वज पताका धर्म की लहरा रही थी। जो जैनत्व का परिचय दे रही थी। घोड़े पर सवार युवा इस शोभायात्रा का प्रतिनिधित्व करते दिखाई पड़ रहे थे। बैंड बाजा, मधुर भजनों की धुनों पर भक्त,युवा, महिला झूमते गाते नजर आ रहे थे। ऐसा लग रहा था मानो साक्षात हर कोई भक्ति की इस महती गंगा में सराबोर हो गया हो। श्रीजी की यह भव्य शोभा यात्रा नेशनल हाईवे 52 बाईपास से होती हुई, तीन बत्ती चौराहा, मुख्य मार्गो से होती हुई दिगंबर जैन मंदिर पहुंची। जहां नवीन वैदियों पर भगवान की प्रतिमाओं को मंत्रोच्चार के साथ विराजमान किया गया। इस रथ यात्रा का मुख्य आकर्षण हाथी,11बग्गी, बच्चों एवम महिलाओं का दिव्य घोष जो अलग ही ध्वनि उत्पन्न कर वातावरण को नई उर्जा प्रदान कर रहा था। इसे रथयात्रा में निकली मनमोहक झांकियां सभी का मन मोह रही थी।

विधायक रानीपुरिया ने किया रथयात्रा का स्वागत
इस भव्य शोभायात्रा में क्षेत्रीय विधायक गोविंद सिंह रानीपुरिया भी सम्मिलित हुए।और उन्होंने तीन बत्ती चौराहे पर पहुंचकर इस रथयात्रा का भाव भरा स्वागत किया। कांग्रेस कार्यालय के आगे पूर्व विधायक कैलाश मीणा ने भी यात्रा का स्वागत किया। इसके साथ ही नारायण लाल सोनी, काका घड़ी वाले,मित्र मंडल, अर्पित सिंघल सहित कई जगहों पर भक्तों,समाज जनों के अलावा अन्य समाज बंधुओं ने अपने आवास के बाहर इस रथ यात्रा का स्वागत किया। यह यात्रा कौमी एकता का एक पर्याय बनकर परिलक्षित हुई। मुस्लिम समाज एवं बोहरा समाज भी स्वागत करने में पीछे नहीं रहा।

 

जानकारी को साझा करते हुए समाज के सचिव श्री लोकेश जैन ने बताया पुण्यार्जक परिवारों द्वारा प्रतिमाओं को नवीन वेदी पर विराजमान किया गया। वही
अतिशयकारी 57 इंच की पद्मासन मूलनायक आदिनाथ भगवान की प्रतिमा विराजमान करने का पुण्य लाभ श्रीमान राजेंद्र विजय जैन अमृत खेड़ी वालों को प्राप्त हुआ। उन्होंने विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि मंदिर के शिखर पर 5 फीट ऊंची स्वर्ण आवरण में शिखर कलश पुण्य लाभ लालचंद लोकेश जैन एवं 11 फीट ऊंची स्वर्ण युक्त ध्वजा का पुण्य लाभ सोहनलाल गजानंद शक्कर वाले कोटा को प्राप्त हुआ। इस बेला में समाज द्वारा स्नेह भोज का भी आयोजन किया गया।

संकलित जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमंडी

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