गणिनी आर्यिका 105 विशुद्ध मति माताजी संघपति श्रीमान कैलाशचंद जैन खेड़ा ने लिया गुरु माँ का आशीष

धर्म

गणिनी आर्यिका 105 विशुद्ध मति माताजी संघपति श्रीमान कैलाशचंद जैन खेड़ा ने लिया गुरु माँ का आशीष
कोटा
धर्म स्नेही साधु संतों की सेवा में तत्पर उदारमना , परम् पूज्या सिद्धान्त रत्न, भारत गौरव, ग्वालियर तिलक गणिनी आर्यिका 105 श्री विशुद्धमति माताजी ससंघ के संघपति एवं विशुद्ध विज्ञ सम्मेदशिखर जी पदयात्रा के मुख्य अर्थ प्रदाता श्री कैलाशचंद जैन (खेड़ा वाले) ने गुरु मां के मंगल, विहार में सम्मिलित हुए और पद विहार कर अपनी सहभागिता प्रदान की।

 

 

 

इनके व्यक्तित्व पर अगर नजर डाली जाए तो यह संत सेवा में सदैव तत्पर रहते हैं और साधु संतों की सेवा में यह परिवार कर्मठ सेवा देता आया है। हाल ही में इनके द्वारा मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज द्वारा बन रहे गुणायतन तीर्थ से भी जुड़े। विशेष रुप से यह माताजी संघ के लिए तन मन धन से समर्पित रहते हैं। हमेशा सभी को धर्म प्रभावना हेतू प्रेरित करते हैं।

यह हजारों किलोमीटर दूर होते हुए भी गुरु मां की चल रही यात्रा को कुशलतापूर्वक संचालित कर रहे हैं। और सभी की सहभागिता के साथ तीर्थ वंदना के गुरु मां के के स्वर्णिम लक्ष्य के लिए कटिबद्ध होकर समर्पित हैं।

अभिषेक जैन लुहाडिया
रामगंजमंडी की रिपोर्ट

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