ये पंच कल्याणक पूजा नहीं ये पंच कल्याणक साक्षात महा महोत्सव है–मुनि पुगंव श्रीसुधासागरजी महाराजभव्य परेड के साथ ढौगा मैदान में हुआ ध्वजारोहण
टीकमगढ़ –
-ये पंच कल्याणक पूजा नहीं है ये पंचकल्याणक महा महोत्सव है ये पूजा की पर्याय नहीं है ये पूज्य की पर्याय है जब पूज्य की पर्याय प्रकट होती है तो साधना प्रकट होती है, गर्भ कल्याणक पूज्य कि पर्याय है इन पंच कल्याणको में कोई पुजारी नहीं होता सौधर्म इन्द्र कोई रुपक नहीं है वे स्वयं आत्मा की पर्याय बन कर आयेंगे।
अयोध्या नगरी की पवित्रता को समझना होगा उन जीवों का कितना पूण्य होगा जहां तीर्थकर बालक आते हैं जहां देव गर्भ में आने के छः माह पहले से तीनों समय रत्नो की वर्षा करते हैं प्रभु के गर्भ में आने के पहले ही सब सुख समृद्धि को प्राप्त कर लेते हैं।श्री मद् जिनेन्द्र त्रिकाल चौबीस पंच कल्याणक महा महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ में ध्वजारोहण समारोह को विशाल सभा को सम्बोधित करते हुए मुनि पुगंव श्रीसुधासागरजी महाराज ने व्यक्त किए।

भव्य रथयात्रा के साथ मुनि पुंगव संघ ने अयोध्या नगरी में प्रवेश किया
इसके पहले शहर के हृदय स्थल नंदीश्वर कॉलोनी स्थित आदिनाथ धाम त्रिकाल चौबीसी का पंचकल्याणक महा महोत्सव घट यात्रा के साथ प्रारंभ हुआ आज प्रातः 7:00 नंदीश्वर कॉलोनी से विशाल घट यात्रा का जुलूस जिसमें महापात्र सौधर्मेंद्र कुबेर भगवान के माता पिता हाथी पर सवार होकर चल रहे थे। महायज्ञ नायक यज्ञ नायक भरत बाहुबली राजा सोम राजा श्रेयांश मंडलेश्वर महामंडलेश्वर बग्गी पर सवार होकर चल रहे थे। श्री श्रीजी भगवान का रथ साथ में चल रहा था । रथ को युवा मंडल के कार्यकर्ता रस्सी के सहारे खींच कर ले जा रहे थे। जुलूस में दलदल घोड़ी ढोल नगाड़े आचार्य भगवान का छायाचित्र साथ में चल रहे थे। निर्यापक मुनि श्री 108 सुधा सागर जी महाराज छुल्लक 105 गंभीर सागर जी महाराज जुलूस के बीच में चल रहे थे। महिला मंडल की 25 टीमें ग्रुप अपने अलग-अलग ड्रेस में घट यात्रा की शोभा बढ़ा रही थी। वीर व्यायामशाला आदिनाथ युवा मंडल नंदीश्वर युवक मंडल जय जिनेंद्र कार्यकारिणी केअनेक युवा साथी अलग -अलग परिधानों में चल रहे थे। शोभायात्रा में ब्रास बैंड,अहिंसा दिव्य घोष दयोदय बैंड जैन भजन गाते हुए आगे बढ़ रहे थे सबसे आगे युवा जैन ध्वज लहराते हुए आगे बढ़ रहे थे

जैन आर्मी ने भव्य परेड के साथ किया प्रदर्शन*
महोत्सव के मीडिया संयोजक प्रदीप जैन बम्होरी ने बताया कि 9:00 घट यात्रा का जुलूस पंचकल्याणक स्थल पहुंचा जहां जैन रेजिमेंट एवं जैन आर्मी की तैयारी देख लोग अचंभित हुए।

टीकमगढ़ के इतिहास में पहला अवसर है जब पंचकल्याणक महा महोत्सव मैं जैन आर्मी एवं जैन रेजीमेंट द्वारा ध्वजारोहण का कार्यक्रम संपन्न कराया गया हो। जैन रेजीमेंट एवं जैन आर्मी ललितपुर उत्तर प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाली है। इस रेजीमेंट में टीकमगढ़ वीर व्यायामशाला की युवा भी साथ में थे बच्चों के द्वारा भी इस रेजीमेंट को सहयोग प्रदान किया गया जैन आर्मी एवं रेजीमेंट द्वारा प्रत्येक महापात्र का स्वागत एवं सम्मान किया गया।
परम पूज्य आध्यात्मिक संत निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज क्षुल्लक श्री गंभीर सागर जी महाराज ससंघ चल भगवान जिनेन्द्र देव के रजत विमान जी के साथ श्रद्धाओ के साथ चल रहे थे मुनि संघ के साथ व्रह्चारी भ इया एवं ब्रह्मचारिणी दीदीया साथ चल रही थी इनके साथ मंगल गीत गाते हुए माता बहने व जन समूह चल रहा था


शहर को ध्वजाओं तोरणद्वार से सजाया गया*
श्री मद् जिनेन्द्र त्रिकाल चौबीस पंच कल्याणक महा महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ के पूर्व संध्या से ही शहर के प्रमुख मार्गों को केशरिया ध्वजो तोरणद्वार रांगोली से भव्य रूप से सजाया सभारा गया था घरों को सुन्दर लाइटिंग के साथ रांगोली से सजाकर मुनि पुंगव के आने का इंतजार श्रद्धालू घर के आगे कर रहे थे घटयात्रा के साथ प्रभु के विमान जी आरती के साथ ही परम पूज्य निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी के पाद प्रक्षालन कर आरती उतार कर भक्त जय जय कार कर रहे थे यहां घटयात्रा ढौगा मैदान स्थित अयोध्या नगरी पहुंचकर विशाल ध्वजारोहण समारोह में बदल गई
*आचार्य निमंत्रण के साथ ही हुई मंडल शुद्धि*
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां के साथ मंगल चरण किया गया इसके बाद ललितपुर से आई जैन आर्मी दल ने भव्य परेड की प्रस्तुति दी इसके बाद महोत्सव के मुख्य पात्रों ने मुनिश्री को श्री फल भेंट किए इसके बाद प्रतिष्ठा चार्य प्रदीप भइया को आचार्य निमंत्रण दिया गया इसके बाद व्रहदमंत्रोकचार के वीच ध्वजारोहण श्रावक श्रेष्ठी श्री ने किया इसके बाद मंत्रोच्चार के साथ मंडल शुद्धि की गई।
संकलन अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमंडी
