सत्य का कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा सुधा सागर महाराज
टीकमगढ़
पूज्य मुनि श्री सुधा सागर महाराज ने सोमवार को अपने मंगल उद्बोधन में कहा कि सूर्य सभी पर समान रूप से अपना प्रकाश बिखेरता है।
उन्होंने सटीक बोलते हुए कहा कि मैं किसी को बंद कमरे में कोई मंत्र नहीं देता, जो भी दूंगा खुले मंच से दूंगा। भाव विहल शब्दों में महाराज श्री ने कहा कि मेरे दरवाजे हमेशा खुले रहते हैं। खुले मंच से दिया हुआ मंत्र सर्वशक्तिमान होगा, ताकतवर होगा। और आपकी आत्मा कार कल्याण करने वाला होगा।
उन्होंने जीवन के यथार्थ सत्य को बताते हुए कहां की दुनिया किसी को सुखी नहीं देख सकती। ऐसे लोगों के के लिए मुनि श्री ने कहा कि वे लोग पापी, दानव राक्षस होते हैं जो दूसरों को दुख में देखकर खुश होते हैं। श्रीराम का उदाहरण देते हुए कहा कि रामचंद्र जी महान थे लेकिन उनके जीवन में भी उपसर्ग हुए है। उनको भी अपने जीवन में परेशानी का सामना करना पड़ा है। लेकिन सत्य कभी हारता नही। हमारे जीवन में भी उपसर्ग आते हैं। कठिन उपसर्ग आते हैं। उनका निर्माण करना भी कठिन होता है। लेकिन सत्य का कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा।

सिनेमा का उदाहरण देते हुए कहा कि आप लोगों ने पिक्चर देखी होगी हीरो की कहीं बाहर पिटाई होती है, मारपीट होती है, और हमें कई बार ऐसा लगता है, जैसे पिक्चर से हीरो गया,

लेकिन अंत तक हीरो सुरक्षित रहता है। पूरी पिक्चर के अंदर खलनायक का तांडव नृत्य होता रहता है। लेकिन अंत में जीत सत्य की होती है। उसी को सत्यमेव जयते कहा गया है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
