श्रावक सेवा संस्था द्वारा आयोजित आयात निर्यात प्रशिक्षण शिविर की आचार्य सुनील सागर महाराज ने जमकर तारीख की
पंडित महावीर मनु ने मुंबई से आकर इतने बड़े आयोजन को किया उसके लिए उनको आशीर्वाद सुनील सागर महाराज
जयपुर
श्रावक सेवा संस्था द्वारा चारित्र चक्रवर्ती आचार्य आदिसागर महाराज अंकलीकर परम्परा के चतुर्थ पट्टाधीश आचार्य सुनील सागर गुरुदेव के सानिध्य में पद्मप्रभ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र बाड़ा पदमपुरा जयपुर में 9 फरवरो से 12 फरवरो आयात, निर्यात प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने भारत भर के युवा पहुचे है।
इस शिविर में विदेश व्यापार किस प्रकार किया जाता है।।क्या क्या परेशानी आती है।सभी पहलू पर पढ़ाई हुई। आज कितने प्रकार के इंकॉटरम है और क्या कागजात हमे लगते है और buyer कैसे ढूढे जाते है ये विशेष पढ़ाया गया। इन सभी बातों को बड़ी बाती जानकर सभी युवा आनंदित है। साथ ही साथ।समाज मे हो रहे एक अलग हटकर हो रहे इस आयोजन को करने के लिए संस्था के अध्यक्ष पंडित महावीर मनु के इस प्रयास की सभी युवाओं ने खूब प्रसंसा की।

वही आचार्य सुनील सागरजी गुरुदेव ने अपने उद्बोधन में कहां की पुराणों में 72 कला पुरुषों की बताई गई है जिसमे 2 विधा महत्वपूर्ण है । एक जीव की जीविका और दूसरी जीव का उद्धार । जीव का उद्धार मुनि मार्ग है जो हम कर रहे है।

जीविका का मार्ग आप को संस्था के माध्यम से पढाया जा रहा है। आज ऐसे प्रयास की जरूरत है। ऐसे प्रयास करने वालो की हिम्मत बढ़ाए।

उन्होंने पंडित महावीर मनू की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि,पंडित महावीर मनु ने मुंबई से जयपुर आकर इतने बड़े आयोजन को किया इसके लिए उनको आशीर्वाद। आप आगे भी ऐसे आयोजन करते रहे। समाज को आगे बढ़कर कदम से कदम मिलाकर चलना चाहिए और ताकि हमारी युवा पीढ़ी का कल्याण हो,समाज का उद्धार हो।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
