एकादश गजरथ फेरी के साथ हुआ पंचकल्याणक का उद्यापन

धर्म

एकादश गजरथ फेरी के साथ हुआ पंचकल्याणक का उद्यापन
ललितपुर
पूज्य संत श्रेष्ठ निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव श्री सुधा सागर जी महामुनिराज ने अपने प्रवचनों में कहां कि इस फेरी को समापन नही उद्यापन कहना चाहिए । आज की फेरी का अलौकिक दृश्य शायद ही इससे पूर्व कभी किसी ने देखा हो ।

 

 

 

श्री जी को विशाल 11 गजरथ शोभायात्रा में अनेकों मंगल कलश लिए इंद्राणिया , अनेकों प्रकार के ढोल , बाजे , नगाड़े , ताशे , युवाओं के अनेक दिव्य घोष , हाथी , घोड़े , ऊंट, पालकी , रथ ,अनेकों बैंड , ध्वजा , आर्मी पोशाक में पूर्णतः व्यवस्थित सेना , 225 कमल , धूपबत्ती करती हुई महिलाएं , महा धर्म ध्वज , सैकड़ों ब्रह्मचारी भैया व बहने और इस सबकी शोभा को जिसने सौ गुना बड़ा दिया ऐसे पूज्य निर्यापक श्रमण का संघ और तीन लोक के अधिपति जिनेन्द्र देव ।

 

मोक्ष कल्याणक महा महोत्सव पर यज्ञ की आहुतियो और विश्व शांति मंत्रों से गूंजा समूचा पांडाल

 

वही नव प्रभात की नई किरण के साथ मोक्ष कल्याणक महा महोत्सव का आगाज हुआ ।भगवान आदिनाथ को कैलाश पर्वत से निर्वाण की प्राप्ति हुई , अग्नि कुमार देवो के द्वारा प्रभु के नख – केश का विसर्जन कर महापात्रो आदि के द्वारा सिद्धगुणारोपणम , सिद्धों की पूजा , मोक्ष कल्याणक की पूजा , विश्व शांति महायज्ञ कर विसर्जन किया ।

 

अमन शास्त्री मुंगावली से प्राप्त जानकारी

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *