एक ललितपुर वो था, एक ललितपुर आज है, ये भी एक जमाना है, और आगे भी एक जमाना होगा सुधासागर महाराज

धर्म

एक ललितपुर वो था, एक ललितपुर आज है, ये भी एक जमाना है, और आगे भी एक जमाना होगा सुधासागर महाराज
ललितपुर
प्रातःकाल शुभ नक्षत्र में ही पूज्य निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज के द्वारा बड़े बाबा अभिनंदननाथ भगवान , त्रिकाल चौबीसी , श्री मुनिसुब्रतनाथ भगवान बड़ी मूर्ति , रजतमय श्री अभिनंदननाथ भगवान , कल्पवृक्ष गुफा मंदिर , सहस्रकूट में विराजित एक सहस्र प्रतिमाएं , नंदीश्वर द्वीप , पंचमेरू आदि समस्त श्री जी के केवलज्ञान कल्याणक के संस्कार पूज्य श्री के द्वारा संपन्न हुए तत्पश्चात मुनिराजो की ससंघ आहारचर्या , पंडाल के लिए प्रस्थान हुआ। मध्यान बेला में 1 बजकर 45 मिनिट पर समवशरण का भव्य स्वरूप सबके के सामने उद्घटित हुआ सभी श्रद्धालुओं ने भगवान आदिनाथ के भव्य समवशरण के प्रत्यक्ष दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया । 46 दीपकों से समवशरण की दिव्य आरती की गई एवं समवशरण में शोभित मुनि संघ ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो दिव्य स्पष्ट आकाश में कोई सूर्य तेज को प्राप्त हो रहा हो ।

 

 

 

 

 

 

 

संत श्रेष्ठ श्री सुधा सागर जी ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि केवली दुनिया को जानते नहीं, दुनिया जानने में आती है।और हम दुनिया को जानने का प्रयास करते है ।सर्वज्ञ को नहीं मालूम कि मैं क्या देख रहा हूं, परंतु जगत जान रहा है कि केवली सब देख रहे है । एक तीर्थ एक मुनि बैठकर बनाता है परंतु उसके साथ उसके पीछे हजारों लोग रहते है ।एक ललितपुर वो था एक ललितपुर आज है , वो भी एक जमाना था ये भी एक जमाना है , और आगे भी एक जमाना होगा । यहां के मंदिर , प्रतिमा की छबि ही निराली है ये सब दाता के पुण्य की विशेषता है ।

 

 

जैन इतिहास में 800 साल बाद यह पहला कीर्ति स्तंभ है जो बनकर स्थापित हो गया और सारी प्रतिमा भी स्थापित हो गई । समवशरण में सबसे ज्यादा महत्व श्रावक श्रेष्ठी का होता है । पूज्य श्री ने श्री मुनिसुव्रतनाथ मंदिर ज्ञानोदय तीर्थ के बारे में कहां कि ये मंदिर अभी तक का सबसे बड़े भूखंड पर बना मंदिर है । हर व्यक्ति को यही भाव करने चाहिए।प्रवचन के पश्चात हवन आदि क्रियाएं करके पूजन विसर्जन किया गया ।

 

 

भक्तो का उमड़ता हुआ सैलाब स्पष्ट रूप से पंचकल्याणक की सार्थकता व प्रसिद्धि को दर्शा रहा था । हजारों की संख्या में देश व विदेश से भक्त गण महामुनि आदिनाथ के दर्शन को पधारे

रविवार को होगे यह आयोजन
रविवार को नव प्रभात की नई किरण के साथ ठीक 8 बजकर 10 मिनिट पर मोक्षकल्याणक मनाया जायेगा एवं दोपहर में एकादश गजरथ फेरी संपन्न होगी ।

अमन शास्त्री मुंगावली से प्राप्त जानकारी

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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