103 वर्षीय क्षुल्लिका चेतन श्री माताजी विरागोदय पथरिया आई एवं 98 वर्षीय आर्यिका विरजश्री माताजी की चल रही है सलेखना

धर्म

103 वर्षीय क्षुल्लिका चेतन श्री माताजी विरागोदय पथरिया आई एवं 98 वर्षीय आर्यिका विरजश्री माताजी की चल रही है सलेखना
पथरिया
एक और जहां सभी जगह जिस जगह की चर्चाएं चरम पर हैं वह है विरागोदय तीर्थो पथरिया जहां भारतवर्ष में इस वक्त सर्वाधिक साधु संत विराजित हैं। आचार्य श्री विराग सागर महाराज के सानिध्य में अभूतपूर्व आयोजन हो रहा है।

 

 

 

इस महा महोत्सव में एक नई रोचक बात सामने आई है सबसे अधिक उम्र की क्षुलिका माताजी जिनकी उम्र लगभग 103 वर्ष बताई गई है। उनका नाम क्षुलिका 105 चेतनश्री मति माताजी यह वर्तमान में सर्वाधिक उम्र की साध्वी है। पूज्या माताजी इस भव्य आयोजन में सम्मिलित होने हेतु आई हैं। वही अभूतपूर्व क्षण है 98 वर्ष की उम्र की आर्यिका 105 विरजश्री माताजी भी यहां विराजित है। इतनी अधिक उम्र में उनका 37 वा उपवास गुरुवार को पूर्ण हुआ है। पूज्य माता जी की गुरु विराग सागर महाराज के सानिध्य में सल्लेखना चल रही है। जैन दर्शन में सल्लेखना समाधि का महत्व है। साधु होकर गुरु चरणों में समाधि को पाना एक उत्तम समाधि मरण कहलाता है।

अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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