पुष्पगिरी तीर्थ की पावन भूमि,एक बार फिर. गुरु शिष्य महामिलन से हुई पावन

धर्म

पुष्पगिरी तीर्थ की पावन भूमि,एक बार फिर. गुरु शिष्य महामिलन से हुई पावन

पुष्पगिरी

पुष्पगिरी तीर्थ की पावन धरा एक बार पुनः गुरु शिष्य के मिलन से पावन हो गई यह दुर्लभ संत समागम आचार्य पुष्पदंत सागर महाराज एवं उनके प्रभावक शिष्य तपोभूमि प्रणेता प्रज्ञा सागर महाराज के महामिलन का अतिदुर्लभ संत समागम ऐसा था कि आचार्य श्री पुष्पदंत सागर महाराज वह आचार्य श्री प्रज्ञा सागर महाराज ऐसे मिले की समवसरण में श्री महावीर से मिले हो गौतम काफी भक्त इन पलों के साक्षी बने।


जैसे ही आचार्य श्री प्रज्ञासागर महाराज अपने गुरु आचार्य श्री पुष्पदंत सागर महाराज के समीप पहुंचे तो वहां गुरु चरणों में नतमस्तक हो गए और उन्हें नमन किया। यह क्षण शिष्य की गुरु के प्रति आदर भाव का एक अभूतपूर्व उदाहरण प्रस्तुत कर रहा था।

 

 

 

 

 

पूज्य आचार्य श्री प्रज्ञा सागर महाराज मन ही मन यह यह भाव प्रकट कर रहे थे
गुरु तेरे चरणों में स्वर्ग पा लिया है।
जमी पर खड़े आसमा पा लिया है
चरण में शरण दे न अब छोड़ देना
सदा के लिए प्रेम से जोड़ देना
बने तृप्त जीवन, वो रस पा लिया है
गुरु तेरे चरणों में स्वर्ग पा लिया है।

 

अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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