शीतलहर में भी बढ़ रहें सिद्ध साधिका का युगल चरण शाश्वत सिद्ध क्षेत्र की ओर-चक ग्राम वासियों ने गणिनी आर्यिका विशुद्ध मति माताजी के उद्बोधन से प्रेरित होकर किया मद्य, मांस, मधु का त्याग।*

धर्म

शीतलहर में भी बढ़ रहें सिद्ध साधिका का युगल चरण शाश्वत सिद्ध क्षेत्र की ओर-चक ग्राम वासियों ने गणिनी आर्यिका विशुद्ध मति माताजी के उद्बोधन से प्रेरित होकर किया मद्य, मांस, मधु का त्याग।*
*चक*
गणिनी आर्यिका विशुद्ध मति माताजी एवम पट्ट गणिनी आर्यिका विज्ञमति माताजी अहिंसा शाकाहार का उद्घोष लिए सम्मेद शिखर तीर्थ की ओर अपने कदम बढ़ा रही हैं। वही मार्ग में आने वाले स्थानों पर धर्म की महती प्रभावना भी कर रही हैं। जन-जन को अहिंसा शांति का संदेश देते हुए शाकाहार की ओर प्रेरित कर रही हैं। इसी तारतम्यता में इलाहाबाद कानपुर हाईवे पर स्थित चक गांव में माताजी ने जब अपना उद्बोधन दिया और गांव वासियों को मांसाहार, मद्य, मधु का त्याग करने की प्रेरणा दी तो गांव वासियों के मन में त्याग का भाव उमड़ पड़ा और सभी ग्राम वासियों ने माताजी के समक्ष इन सब चीजों का त्याग करने का प्रण लिया। माता जी की यह यात्रा एक ऐतिहासिक क्षण में बदल गई जब ग्राम वासियों ने भाव विभोर होकर गुरु मां के चरण पखारते हुए उनको चरण वंदन करते हुए त्याग की ओर अपने को अग्रसर किया।
साथियों,

 

 

 

 

 

यह कैसी विडंबना है एक और जहां लोग शाकाहार की ओर प्रेरित हो रहे हैं दूसरी ओर वहीं सरकार सम्मेद शिखर तीर्थ क्षेत्र को पर्यटक स्थल बनाने पर जोर दे रही है। ऐसे में केंद्र व राज्य सरकार को कठोर कदम उठाते हुए सम्मेद शिखर तीर्थ को पर्यटन स्थल घोषित नहीं करना चाहिए वरन तुरंत प्रभाव से वहा मांसाहार का सेवन रोकना चाहिए। साथ ही शाश्वत जैन तीर्थ स्थल सम्मेद शिखर तीर्थ को पवित्र तीर्थ स्थल घोषित किया जाना चाहिए। इसी में राष्ट्र की उन्नति प्रगति व समृद्धि होगी।
बढ़ चले गुरु मां के कदम
सम्मेद शिखर तीर्थ की ओर
दे रही है अहिंसा शांति का उद्घोष चारो और
जहां भी गुरु मां के चरण पढ़ रहे हैं वहाँ चारों ओर भक्ति श्रद्धा का उल्लास देखने को मिल रहा है जिस जगह से भी यह पदयात्रा गुजर रही है सभी लोग गुरु मां के साथ सम्मिलित होकर इस तीर्थ वंदना में शामिल हो रहे हैं।
धन्य है ऐसी गुरु मां ऐसी भीषण शीतलहर में भी अपने कदम बढ़ा रही हैं और जन जन को सद मार्ग की ओर प्रेरित कर रही हैं।
हे धन्य धन्य महिमा तेरी तम हरने वाली सूरज हो।

अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *