वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज से 88 वर्षीय मुनि श्री मर्यादा सागर महाराज ने चारों प्रकार के आहार का त्याग किया
निवाई
वात्सल्य वारिघि पंचम पट्टाधीश निर्यापकाचार्य आचार्य श्री 108 वर्धमानसागर महाराज के शिष्य 88 वर्षीय मुनि श्री मर्यादा सागर महाराज ने 27 दिसंबर 2022 को आचार्य श्री से एवम् समस्त संघ से क्षमा याचना कर चारो प्रकार के आहार का त्याग किया
एक परिचय
राजेश पंचोलिया इंदौर ने एक परिचय में बताया कि मुनि श्री मर्यादा सागर महाराज का जन्म श्रीमती स्व सोना देवी स्व श्री गोकुलचंद जैन के पुत्र श्री नेमीचंद जैन जबलपुर के रूप में 13 अगस्त 1935 कोदमोह में हुआ।
आपने जैन गुरुकुल में डॉक्टर श्री पन्नालाल साहित्याचार्य से धार्मिक शिक्षण प्राप्त किया। हैं। आप वन विभाग मध्यप्रदेश शासन में फारेस्ट रेंज आफिसर रहे हैं।
आपने 83 वर्ष की उम्र में दिनांक

27 मार्च 2018 को 7 प्रतिमा के नियम श्री श्रवणबेलगोला में वात्सल्य वारिघि पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी से ग्रहण किए।वात्सल्य वारिघि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी से श्रवण बेलगोला में 25 अप्रैल 2018 को 83 वर्ष की उम्र में सीधे मुनि दीक्षा ग्रहण की आपका नाम मुनि श्री108 मर्यादा सागर महाराज रखा गया।
उस दिन आपके साथ मुनि श्री 108 मुक्ति सागर जी महाराज, मुनि श्री 108 महित सागर महाराज एवम् आर्यिका 105 श्री महायशमति माताजी की भी दीक्षा हुई। वात्सल्य वारिघि आचार्य श्री का विहार किशनगढ़ की और चल रहा है, व निवाई में अल्प विश्राम चल रहा है।
राजेश पंचोलिया वात्सल्य भक्त परिवार
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
