संस्कारों की बात कुल परम्परा से आती है। आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज
निवाई
सोमवार को श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में राष्ट्रीय संत गौरव आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज एवं भारत गौरव आर्यिका विज्ञाश्री माताजी के सानिध्य में श्री शांतिसागर स्कूल का अवलोकन करके सैकडों नन्हे मुन्ने बालकों को पूजन प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें आचार्य श्री ने सभी बालक बालिकाओं को मंगल आशीर्वाद प्रदान किया। जैन
समाज के प्रवक्ता विमल जौंला ने बताया कि जैन मंदिर में

आचार्य श्री के प्रवास के दौरान जैन समाज के सुशील जैन

नीरा जैन आरामशीन वाले एवं सुनील सर्राफ के मार्ग निर्देशन मे सैकडों बच्चों को पूजन प्रशिक्षण दिया गया जिसमें सोमवार को सुबह सभी बालक बालिकाओं ने आचार्य वर्धमान सागर महाराज की भक्ति भाव एवं अष्ट द्रव्य से पूजा अर्चना की गई। जौंला ने बताया कि समाज के बच्चों को श्री शांतिसागर स्कूल के सभी स्टाफ एवं आयोजक ने अच्छी शिक्षा के साथ साथ धार्मिक संस्कार भी दिये गए। इस दौरान आचार्य सन्त एवं आर्यिका विज्ञाश्री माताजी ने स्कूल का भ्रमण कर अवलोकन किया जहाँ सभी बच्चों ने आचार्य श्री को वन्दन नमोस्तु करके अगुवाई की। इस अवसर पर आचार्य संध एवं विज्ञाश्री माताजी ने बच्चों को भरपूर आशीर्वाद दिया एवं बच्चों को आचार्य संध के आशीर्वाद से समाज के कर कमलो द्वारा बच्चों को गिफ्ट स्वरूप पुरस्कार दिया गया। जौंला ने बताया कि कार्यक्रम के पश्चात इतिहास में पहली बार 39 चर्तुविंध संतो के अन्तर्गत संध का पड़गाहन कार्यक्रम हुआ जिसमें मंगल प्रवेश के पश्चात राष्ट्रीय संत गौरव आचार्य वर्धमान सागर महाराज को समाजसेवी गोपाल लाल शंभु कुमार जैन कठमाणा एवं रामपाल ओमप्रकाश जैन चंवरिया ने पड़गाहन करवाया एवं उनको आहार चर्या करवाने का सौभाग्य मिला।
इस अवसर पर आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज ने कहा कि संस्कारों की बात कुल परम्परा से आती है। संस्कारों के माध्यम से अपने मूल्य में अनन्तगुणी वृद्धि कर लेते हैं संस्कारों की असीमितता जहाँ सामाजिक और नैतिक क्षेत्र में व्याप्त है वहाँ पूर्रवाचार्रयो ने भी इस पर अपनी लेखनी चलाकर आध्यात्मिक क्षेत्र में तथा स्वोत्थान के क्षेत्र में भी इसकी गुण गरिमा को विस्तृत कर दिया है।उन्होंने कहा कि जो अपने जीवन को सद् संस्कार रुपी सांचे में ढाल लेता है उसकी कीर्ति विश्व वसुंधरा पर लहराने लगती है। इस अवसर पर जितेन्द्र चंवरिया शंभु कठमाणा सुशील गिन्दोडी पवन बोहरा सुशील जैन महावीर प्रसाद पराणा विष्णु बोहरा अशोक कटारिया नेमीचंद सिरस गोपाल कठमाणा महेन्द्र जैन हेमंत चंवरिया राजेन्द्र बगड़ी बंटी झांझरी साईबर एक्सपर्ट आदीश गंगवाल विमल सोगानी विनोद बनस्थली प्रेमचंद गिन्दोडी मुकेश जैन हुकमचंद पारसमल जैन सहित अनेक लोग मौजूद थे।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
