सम्मेद शिखर तीर्थ पर वंदना करने गई महिलाओं ने पारसनाथ पर्वत की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए पर्वत की वंदना डर लगता है, मार्ग में मौजूद शराबी फूहड़ बाजी के साथ झुंड में बैठकर मांस मदिरा का सेवन करने के साथ जा रहे तीर्थ यात्रियों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं

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सम्मेद शिखर तीर्थ पर वंदना करने गई महिलाओं ने पारसनाथ पर्वत की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए
पर्वत की वंदना डर लगता है, मार्ग में मौजूद शराबी फूहड़ बाजी के साथ झुंड में बैठकर मांस मदिरा का सेवन करने के साथ जा रहे तीर्थ यात्रियों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं
पारसनाथ
इसे कड़ी विडंबना ही कहा जाएगा सम्मेद शिखर तीर्थ पावन एवं पुनीत है लेकिन वहां असुरक्षित माहौल प्रतीत होता है। पारसनाथ पर्वत को तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करने के लिए सरकार कितना भी खर्च कर दे लेकिन पर्यटन स्थल बनाया जाना जैन भक्तों को कतई स्वीकार नहीं करेगा। जहर कहना था देश के हर कोने से पारसनाथ पर्वत पर पहुंची महिला भक्तों का यह बात लगभग 12 महिलाओं ने विराजित पूज्य मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज के दर्शन कर पुणे बताएं उन्होंने महाराज श्री के समक्ष इको टूरिज्म के फैसले का विरोध किया और पारसनाथ पर्वत की सुरक्षा की व्यवस्था पर कड़े सवाल खड़े किए उन्होंने पूज्य मुनि श्री को पहाड़ पर हो रहे अनैतिक कार्यों से अवगत कराया।

पूज्य मुनि श्री ने उन सभी भक्तों की बात को सुना और उनकी भावनाओं को सरकार को अवगत कराने की बात कही। पूज्य मुनि श्री ने यह भी कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में जो भी कमियां है सरकार इसे तुरंत दूर करें और सुविधाओं को बहाल करें। इसके साथ ही रेल यातायात की सुविधा को भी दुरुस्त करें। जैन समाज इको टूरिज्म का पक्षधर कभी नहीं है, कभी रहेगा।
तीर्थ क्षेत्र कमेटी ने भी मुख्यमंत्री से सुरक्षा की मांग की

 

 

 

अखिल भारतीय दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी कमेटी द्वारा झारखंड के मुख्यमंत्री को 5 पेज का एक पत्र लिखकर सम्मेद शिखर तीर्थ की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की पत्र में कहा गया है कि आए दिन पर्वत के वंदना मार्ग पर अनैतिक कार्य हो रहे हैं। जिससे इस पर्वत की पवित्रता शुद्धता पर सवाल खड़े होते हैं। पहुंच रहे भक्तों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। शादी कई भक्तों के साथ बदसलूकी भी की जा रही है। इस पर अविलंब रोक लगाई जाए।

हालांकि कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री महोदय द्वारा त्वरित संज्ञान लेते हुए विभागीय सचिव को अनुपालन का निर्देश दिया जा चुका है। इस पर पर्यटन सचिव मनोज कुमार के निर्देशानुसार गिरिडीह उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने गिरिडीह एसपी व एसडीओ को तत्काल वहां की व्यवस्था को मुकम्मल करने का निर्देश जारी कर दिया है।

राजस्थान की हेमलता सेठी के साथ महिला समूह ने डोली मजदूरों एवं बाइकर्स के ब्लैकमेल की बात कही

वही पर्वत वंदना मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था पर राजस्थान की महिला समूह हेमलता सेठी, भीलवाड़ा की अर्पिता सेठी, इंदौर की पुष्पा कटारिया, सविता छाबड़ा, अरुणिमा जैन, सुष्मिता शांडिल्य, व अन्य लोगों ने सरकार से पुरजोर तरीके से मांग की है कि पारसनाथ पर्वत का यह तीर्थ क्षेत्र पूर्णता सुरक्षित हो। उन्होंने कड़े शब्दों में यह कहा कि डोली मजदूर बीज पर्वत पर यात्रियों को ले जाकर सभी यात्रियों को ब्लैकमेल तक करते हैं। इतना ही नहीं वहां मौजूद बाइकर्स जो पहाड़ पर वहां मौजूद यात्रियों को लाने ले जाने का कार्य करते हैं वह मनमानी चरम सीमा पर करते हैं और यात्रियों को पर्वत के बीच ही उतार देते हैं और मनमाफिक किराया वसूल करते हैं। यदि यात्रियों द्वारा ऐसा नहीं किया जाता है तो मारपीट वह छीना झपटी तक भी कर लेते हैं। किसी भी स्थानीय प्रशासन का यहां पर कोई नियंत्रण नहीं है। ऐसे में यहां मौजूद भक्तों में भय और संशय बना रहता है।

कई मनचले पर्वत पर अपने बैग में मांस लेकर पर्वत पर होते हैं
पवित्र तीर्थ स्थल की पवित्रता एवं शुद्धता पर प्रश्नचिन्ह खड़े होने लगे हैं। मौजूद महिलाओं ने कड़े शब्दों में कहा कि लगभग 20 वर्षों से हम वंदना हेतु आ रहे हैं। लेकिन पिछले दो-तीन वर्षों में पर्वत की सुरक्षा व्यवस्था बदतर हो चुकी है। उनका यह कहना है कि पर्वत के पथ मार्ग पर जगह जगह पर फुहड़ो वह मनचलों का जमघट लगा ही रहता है। इस कदर करते हैं कि मांस मदिरा को बैग में लेकर पवित्र पर्वत पर चल जाते हैं। और वहां वंदना पथ के किनारे पर बैठ इसका सेवन करते हैं। जो पर्वत की सुरक्षा को धूमिल करते हैं। गुरुवार को वंदना के मार्ग पर पांच से छह युवक शराब के नशे में चूर एक नाबालिक लड़की के साथ छेड़छाड़ कर रहे थे। साथी वहां रुकी हुई लड़की से जब पूछा गया तो उसने सारी हरकतों को बयां किया। इतना ही नहीं यह लड़के ठहाका लगाते हुए नीचे की और बढ़ गए। डोली वाले द्वारा भी 70 साल की बुजुर्ग से बदसलूकी की। और उस बुजुर्ग को बीच में ही उतार दिया। पैसे नहीं देने पर उस पर मारने हेतु डंडे उठाए।
इस पर कार्रवाई करते हुए गिरिडीह के उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने जानकारी देते हुए कहा कि पारसनाथ पर्वत की सुरक्षा के मद्देनजर रखते हुए एसपी को विशेष निर्देश दिया जा चुका है। अब भक्तों को पर्वत की वंदना से लेकर बाजार तक उन्हें किसी प्रकार की कोई भी दिक्कत नहीं होगी। वंदना के मार्ग पर जगह जगह पर पुलिस बलों की तैनाती करने का निर्देश दिया जा चुका है। इसके अलावा अनर्गल लोग पर्वत पर अनैतिक कार्य नहीं कर पाएं इस पर कड़ी रोक लगाने के उपाय भी किए जा रहे हैं। किसी भी भक्तों के साथ यदि डोली वाले मनमानी करते हुए दिखाई पड़े तो उसकी शिकायत तुरंत थाने में करें। इस पर तुरंत कार्रवाई होगी।

संकलित जानकारी के साथ
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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