करुणा की प्रतिमूर्ति आचार्य सुनीलसागर
परम पूज्य आचार्य श्री 108 सुनील सागर महाराज साक्षात करुणा की प्रतिमूर्ति है, जिसके कही उदाहरण सामने परिलक्षित होते रहे है ऐसा एक क्षण जावद ग्राम का है जिसकी छाया झलकियों हमे मनोज जैन खमेरा ने दी। हमे जावद के श्री नरेश जैन राणावत बस्सी बताया की पूज्य गुरुदेव मार्ग से जा रहे थे, तभी वन्य जीव खरघोष का बच्चा गुरुदेव के मार्ग में आया, गुरुवर तो करुणा की प्रतिमूर्ति है,उन्होनें उसे हाथ मे लिया, उसे सहलाया, और मंगल आशीष उस पर बरसा दी।

यह कहे यह वन्य जीव सम्यकद्रष्टि है। गुरुवर की जीवदया परोपकार साक्षात जीवन्त उदाहरण प्रस्तुत करता है। त्याग तप परोपकार की मूर्ति को कोटि कोटि नमन

अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमडी
