विक्रम विश्वविद्यालय में आचार्य विद्यासागर पीठ व शोध संस्थान का हुआ शुभारंभ
यह पीठ एवं शोध संस्थान आत्मा को पवित्र करने का कार्य करेगा पूर्णमति माताजी
उज्जैन
विक्रम विश्वविद्यालय के वाग्देवी भवन में अखिल भारतीय ज्ञानोदय शिक्षा एवं कल्याण न्यास के साथ किए गए एमओयु के तहत आचार्य विद्यासागर पीठ एवं शोध संस्थान का शुक्रवार को शुभारंभ हो गया। कलश स्थापना एवं मंगलाचरण पूर्वक ग्रंथ स्थापना के साथ इसका शुभारंभ किया गया।
इस पुनीत बेला में स्वर कोकिला आर्यिका 105 पूर्णमति माताजी संघ सहित विश्वविद्यालय परिसर में भव्य आगमन हुआ।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने संदेश में कहा की यह शोध संस्थानआचार्य श्रीविद्यासागरजी महाराज की प्रेरणा से समाज के नवनिर्माण महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में कुलपति प्रोफेसर अखिलेश कुमार पांडेय, विशिष्ट अतिथि कुलसचिव प्रशांत पुराणिक एवं कार्यपरिषद सदस्य संजय नागर के साथ सचिन कासलीवाल मौजूद रहे।
इन पलों में अखिल भारतीय ज्ञानोदय शिक्षा एवं कल्याण न्यास उज्जैन के समक्ष एम ओ यू पर हस्ताक्षर किए गए। आयोजन की पुनीत बेला में स्वर कोकिला पूर्णमति माताजी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि ज्ञान सर्वोत्तम वस्तु है। विद्या और ज्ञान सबके लिए है। मानव धर्म एक है। जिसके माध्यम से हम पशु को परमेश्वर बनाने की कामना करते हैं।
पूज्य माताजी ने आगे का जैसी संगति होती है वैसी मति होती है, वैसी ही गति होती है। हमारी जैसी भावना होती है वैसा भाव होता है मुकमाटी पर बोलते हुए माताजी ने कहा कि मूक माटी महाकाव्य के माध्यम से आचार्य श्री विद्यासागर महाराज ने अविस्मरणीय संदेश दिए हैं। जो साहित्य आप नित्य के साथ वही सच्चा साहित्य है। शुष्क ज्ञान वाले लोगों को गति और प्रवाह मिले, यह जरूरी है। माताजी ने कहा की आचार्य विद्यासागर महाराज की आशीर्वाद से स्थापित यह पीठ एवं संस्थान आत्मा को पवित्र करने का कार्य करेगा ऐसा विश्वास है।
जो कार्य करें उत्साह से करें कुलपति प्रोफेसर पांडेय
इस अवसर पर बोलते हुए कुलपति प्रोफेसर पांडेय ने आचार्य विद्यासागर महाराज के योगदान को अविस्मरणीय बताया और कहा कि उनके आशीर्वाद से स्थापित यह शोध संस्थान मूल्य केंद्रित अध्ययन अध्यापन और अनुसंधान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। शोध संस्थान का परिचय कुलालू शासक प्रोफेसर शैलेंद्र कुमार शर्मा ने दिया। कार्यक्रम की शुरुआत के क्रम में सर्वप्रथम आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की चित्र के समक्ष चित्र अनावरण एवं दीप प्रज्वलन किया गया। वह मंगलाचरण दीपक भैया ने किया। साथ ही स्वागत भाषण ट्रस्ट के अध्यक्ष धर्मेंद्र सेठी ने दिया। पीठ एवं शोध संस्थान की संकल्पना सचिव दीपक जैन ने प्रस्तुत की। कलश स्थापना का पुण्य लाभ हीरालाल सुधा बिलाला परिवार को प्राप्त हुआ। आभार प्रेषित न्यायाधीश अरविंद जैन ने किया।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
