तीर्थंकर भगवान का मोक्ष कल्याणक के साथ पंचकल प्रतिष्ठा महोत्सव संपन्न

धर्म

तीर्थंकर भगवान का मोक्ष कल्याणक के साथ पंचकल प्रतिष्ठा महोत्सव संपन्न

इटखोरी

 

-श्री 1008 शीतलनाथ भगवान की जन्म स्थली इटखोरी में आज नवनिर्मित से दिगंबर जैन शांति मंदिर में पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव विश्व शांति महायज्ञ जैन संत मुनि श्री 108 विशल्य सागर जी मुनिराज के पावन सानिध्य में हुआ प्रातः मोक्ष कल्याणक उत्सव के अवसर पर अभिषेक शांतिधारा नित्य पूजन का कार्यक्रम हुआ। तत्पश्चात प्रभु का मोक्ष कल्यणाक महोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। पूज्य मुनि श्री के मुख से मंगल प्रवचन में कहा की *मोक्षकल्याणक महामहोत्सव*
**झारखण्ड राजकीय अतिथि श्रमण मुनि श्री विशल्यसागर जी गुरुदेव*
आज भगवान शांतिनाथ का सुबह पावन बेला में भगवान को निर्वाण पद अर्थात् मोक्षपद को प्राप्त किया इसी बीच पू. गुरुदेव की मंगल वाणी सुनने का सुअवसर भी मिला पू. गुरुदेव ने अपने उद्बोधन में कहा कि तीर्थंकर की देशना से ही तीर्थंकर शासन जयवंत होता है ।जीवन का अंतिम लक्ष्य ध्येय निर्वाण है निर्वाण के लिए निर्माण की आवश्यकता ह़ै निर्वाण कैसे हो इसके लिए भी देशना की आवश्यकता होती है हम सुख चाहते है लेकिन अभी तक जो कर्मी के बाण क्रोध,मान,माया,लेाभ काम बासनाओं के वाण नही निकलते है तब तक निर्वाण नहीं होता है जीवन का अर्थ यह नही है कि अर्थ में लग जाओ जीवन का अर्थ यह है कि परमार्थ में लग जाओ ।सुख के बाद दुःख न हो वही सुख है जिस ज्ञान के बाद अज्ञानता हो वह ज्ञान है ।यह साधनों से नहीं साधना से मिलता है भवनों से नहीं भावना से और भावों से मिलता है ।अनुकूलता और प्रतिकूलता ये सुख के साधन नही है मन स्वास्थ है तो सभी सुखी है धन से इन्द्रियों के साधन जुटा सकते हो लेकिन सुख नहीं खरीद सकते हो ये सुविधाएँ सुख का कारण नहीं है साधना मे सुख का कारण है
शिखर पर कलशा ,ध्वजा भी चढ़ाया गया एवं भगवान की प्रतिमा नए मंदिर जी में विराजमान की गई।सभी भक्तगण को मिला। प्रातः 9:00 बजे अग्निकुमार देवों का आगमन विश्व शांति महायज्ञ मुनि श्री के सानिध्य में।
शोभायात्रा के बाद मंदिर जी में प्रतिमा को विराजमान किया गया,ओर मन्दिर जी के शिखर पर कलश ओर ध्वजारोहण की स्थापना की गई । सभी भक्तों में एक उत्साह एक उमंग था जितने लोग भी वहां थे ध्वजारोहण कर्ता, भगवान के माता-पिता कुबेर महायज्ञनायक, यज्ञ नायक मुख्य कलश स्थापना कर्ता, ईशान,महेंद्र इन्द्र ने विधि विधान के साथ जयपुर से आये शिखर चन्द जी जैन कलश स्थापना ओर पूरे पंचकल्याणक को सफलता पूर्वक अंजाम दिया । आज श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर इटखोरी मुख्य नव निर्माण में सहयोग प्रदान करने वाले सभी महानुभाव पहुंचे तथा सभी का स्वागत अध्यक्ष कमल जी जैन जयपुर ने किया।सभी कार्यक्रम प्रतिष्ठचार्य अजित जी शास्त्री रायपुर,अभिषेक जैन कोडरमा, संघस्थ अलका दीदी,भारती दीदी, के साथ इटखोरी,जयपुर,कोडरमा,

 

हजारीबाग,रांची,चतरा, चौपारण,रामगढ, गया जी, आदि शहरो से बहुत संख्या में भक्त गण शामिल हुवे ।जिसमे भदलपुर शीतलनाथ तीर्थ क्षेत्र के कार्याध्यक्ष छित्तर मल पाटनी, महामंत्री सुरेश झांझरी,न्यास बोर्ड के अध्यक्ष तारा चंद जी जैन देवघर,निर्मल बिनायक, हजारीबाग, मेनका पाटोदी कोडरमा आदि आसपास क्षेत्रणके कई पदाधिकारी इस कार्यक्रम म3 शामिल हुवे,झारखंड प्रदेश मीडिया प्रभारी ने बताया कि पंच दिवसीय पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव बड़े ही धूमधाम से संपन्न हो गया ।विशेष रूप से इटखोरी जैन समाज का सभी कार्यक्रम में योगदान रहा,

 

कोडरमा मीडिया प्रभारी जैन राज कुमार अजमेरा, से प्राप्त जानकारी

 

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *