सुख की चाह में हम अपनी तुलना पड़ोसी से करते हैं आर्यिका पूर्णमति माताजी

धर्म

सुख की चाह में हम अपनी तुलना पड़ोसी से करते हैं आर्यिका पूर्णमति माताजी
उज्जैन
स्वर कोकिला आर्यिका पूर्णमति माताजी के सानिध्य में कल्याण मंदिर स्तोत्र विधान का आयोजन फ्रीगंज के पंचायती जैन मंदिर में हो रहा है शुक्रवार को पूज्य माता जी ने अपने उद्बोधन में प्रभु की स्टाइल में ढलने पर जोर दिया, इसको बोलते हैं माताजी ने कहा कि हम अपनी तुलना सुख की चाह में पड़ोसी से करते हैं, संसार में मेरा भी कुछ होना चाहिए। हम केवल नकल करते हैं और दूसरों की स्टाइल में ढलना चाहते हैं। प्रश्न करते हुए कहा की क्या आपको ऐसे ही देखा देखी की स्टाइल में जीना है? और यदि आपको ढलना ही है तो प्रभु की स्टाइल में ढलो। यह बुद्धि जीवन में कब आएगी।

 

 

 

शुक्रवार की बेला में कल्याण मंदिर स्तोत्र विधान के अंतर्गत 6 छद के 336 अर्ध समर्पित किए गए। इस मंडल विधान में 44 दोहो के कुल 2448 अर्ध समर्पित किए जाना है।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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