एक बार संसार के संबंध छूट जाते हैं तो भले ही छोड़ देना, लेकिन जो इस पंचकल्याणक महोत्सव में भाग लेगा उसे असंख्यात कर्मों की निर्जरा होगी महासागर महाराज
नन्ही देवरी
पूज्य मुनि श्री महा सागर जी महाराज ने नन्ही देवरी में अपने मंगल प्रवचन में सभी से पंचकल्याणक में आने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि आप किसी को निमंत्रण देते हैं और वह उसमें नहीं आता है तो आपका उसका संबंध छूट जाता है। उसी प्रकार धर्म आपको पंचकल्याणक महोत्सव में आने का निमंत्रण दे रहा है।
उन्होंने जोर देते हुए कहा यदि इस निमंत्रण में नही आते है तो धर्म आपको छोड़ देगा। एक बार संसार के संबंध छूट जाते हैं तो भले ही संबंध छोड़ देना लेकिन इस महा महोत्सव में जो भाग लेगा उसके असंख्यात कर्मों की निर्जरा होगी। क्योंकि यह सामान्य युद्ध नहीं है पाषाण से परमात्मा बनाने की महापूजा है इसमें जो भी इंद्र इंद्राणी बनकर भाग लेता है उसकी कभी असाध्य बीमारी नहीं होती है।
पंचकल्याणक के विषय में विशेष उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस महापूजा में देवी और देवता आकर भाग लेते हैं, आप अपनी विशुद्धि को और बढ़ाना चाहते हैं तो इस महापूजा में भाग ले।
समता सागर महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि आसपास की सभी समाज को खुला निमंत्रण मिल चुका है, इस धर्म और ज्ञान की गंगा में आपको स्नान करना है। जिससे जीवन में पवित्रता आए।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
