चितरी श्री चंद्रप्रभु जिनालय में नवीन वेदी पर विराजमान होगे भगवान अर्हनाथ स्वामी –
चितरी
श्री चंद्रप्रभु जिनालय का प्रज्ञायोगी आचार्य श्री गुप्तिनन्दी गुरुदेव की मंगल प्रेरणा से श्री जैन समाज चितरी द्वारा *सन 2015* में जीर्णोद्धार का संकल्प लिया गया था।
इसी क्रम में राष्ट्र गौरव चतुर्थ पट्टाचार्य श्री सुनील सागर ज गुरूराज* द्वारा उनके मंगल सानिध्य व मार्गदर्शन में सन2020*एल में मूलनायक भगवान श्री चंद्रप्रभुजी सहित समस्त प्रतिमाओ को अस्थाई वेदी पर विराजमान करके गर्भ गृह,पूजा गृह,जिन शासन गृह सहित समस्त जिनालय का जीर्णोद्धार कार्य प्रारंभ किया गया।
भगवान महावीर स्वामी की वेदी के दूसरी तरफ एक नवीन वेदी का भी निर्माण हुआ जिस पर श्री जैन समाज चितरी द्वारा भगवान अरहनाथ स्वामी की प्रतिमा स्थापित करने का निर्णय हुआ।

शाह मधोक जैन चितरी ने बताया की हमारे चितरी के देव शास्त्र गुरु भक्त शाह चेतन लाल ज व सुलोचना देवी के मनोभाव थे की अपने नगर के जिनालय में भगवान अरहनाथ स्वामी की नवीन प्रतिमा उनकी तरफ से समर्पित हो।
,अपने माता पिता की अभिलाषा को पूर्ण करने के लिए उनके सुपुत्र शाह कल्पेश जैन भी दृढ़ संकल्पित हुए,जैन समाज चितरी ने उनके भावो की अनुमोदना करते हुए स्वीकृति प्रदान की।
गणाधिपति गणधराचार्य श्री कुंथूसागर गुरुदेव,मुनि श्री आज्ञासागर महाराज, नगर गौरव मुनि श्री चंद्रगुप्त जी व आर्यिका श्री सुनिधिमती माताजी का भी शुभाशीष इस धर्म कार्य हेतु मिला।
जिनालय का जीर्णोद्धार कार्य पूर्ण होते ही शुभ मूर्हत में प्राण प्रतिष्ठा पूर्वक समस्त प्रतिमा स्थाई वेदी पर भव्यता पूर्वक विराजमान की जाएगी,इस धर्म कार्य की सानिध्यता हेतु जयपुर में विराजमान चतुर्थ पट्टाचार्य श्री सुनील सागर जी गुरूराज द्वारा उनके लघुनंदन मुनि श्री सुयत्न सागर जी को आज्ञा व मंगल आशीष मिल चुका है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमंडी
