धर्म प्रचारक विनोद जैन ‘कोटखावदा’ को अपने जन्मदिन पर मिला आचार्य सुनील सागर एवं आचार्य शशांक सागर महाराज सहित गणिनी आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी का आशीष

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धर्म प्रचारक विनोद जैन ‘कोटखावदा’ को अपने जन्मदिन पर मिला आचार्य सुनील सागर एवं आचार्य शशांक सागर महाराज सहित गणिनी आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी का आशीष
जयपुर-
जयपुर की धरा पर आज एक सुनहरा अध्याय लिखा गया जिसमें आचार्य सुनील सागधर्म प्रचारक विनोद जैन ‘कोटखावदा’ को अपने जन्मदिन पर मिला आर महाराज, आचार्य शशांक सागर महाराज एवं भारत गौरव स्वस्ति भूषण माताजी का समागम भट्टारक जी की नसिया में हुआ। इन पलों में श्री विनोद जैन ‘कोटखावदा’ को जन्मदिन का इन सभी संतों का मंगल आशीष मिला।माताजी ने अपने उद्बोधन में मंगल आशीष देते हुए उन्हें जन्मदिन की भावभीनी शुभकामनाएं दी। और उनकी जमकर तारीफ की । कहा कि श्री कोटखावदा जैन संस्कृति एवं जैन धर्म की प्रभावना बढ़ाने एवं दिगंबर जैन संतों की सेवा भक्ति करने में तत्पर हैं। माताजी ने उन्हें जैन धर्म की पताका को पहराने का मंगल आशीष प्रदान किया। इसमें कोई दो राय नहीं है कि श्री कोटखावदा ने पूरे 4 माह के दौरान जयपुर पदमपुरा प्रवास की संपूर्ण गतिविधियों को संपूर्ण भारत वर्ष में फैलाने का एक नया कार्य किया है ।

 

 

 

उनकी लेखनी भारत ही नहीं संपूर्ण विश्व में पढ़ी गई। स्वस्ति भूषण माताजी का गत 17 नवम्बर से लगातार मीडिया में कवरेज हुआ है।जो कि एक रिकार्ड है। ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी दिगम्बर जैन संत का जहाजपुर से जयपुर, पदमपुरा और फिर वापस जयपुर प्रवास का लगातार एक वर्ष तक मीडिया में कवरेज हुआ है।

अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंज मंडी की रिपोर्ट

 

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