अनन्त सिद्ध परमेष्ठी की आराधना से कल्याण संभव। आर्यिका विज्ञाश्री माताजी :-

धर्म

अनन्त सिद्ध परमेष्ठी की आराधना से कल्याण संभव।
आर्यिका विज्ञाश्री माताजी :-

निवाई
भारत गौरव गणिनी आर्यिका विज्ञा श्री माताजी के सानिध्य में चल रहे नवदिवसीय अनुष्ठान के दौरान प्रवचनमाला मे आर्यिका विज्ञा श्री माताजी ने श्रद्धालुओं को कहा कि अष्टान्हिका पर्व एक वर्ष में तीन बार आता है आषाढ़ फाल्गुन एवं कार्तिक माह में आते हैं और इन्हीं दिनों में श्रद्धालु इन पर्वो की पूजा अर्चना करके पुण्यार्जन करते हैं। उन्होंने कहा कि अष्टान्हिका पर्व मे मुख्यतः सिद्ध चक्र विधान या नन्दीश्वर विधान किया जाता है मेनासुन्दरी ने भी श्रीपालजी आदि 700 रोगियों के कुष्ट रोग निवारण के लिए सिद्ध चक्र विधान किया था उन्होंने कहा कि इन पर्वो मे सिद्ध चक्र विधान मे अनन्त सिद्ध परमेष्ठी की आराधना की जाती है। आर्यिका विज्ञा श्री माताजी शनिवार को अग्रवाल मंदिर पर श्रद्धालुओं को सम्बोधित कर रही थी उन्होंने कहा कि आदमी मुठ्ठी बांधे आता है हाथ पसारे चला जाता है उसके साथ न कुछ आता है और न साथ में वह कुछ ले जाता है उसके अच्छे बुरे कार्य उसकी कीर्ती और अपकीर्ति को इस भूमण्डल पर बिखराते रहते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे द्वारा ऐसा कोई कार्य नहीं हो जाए जो युगों युगों तक के लिए हमें कलंकित कर दे इसके लिए आवश्यक है भावुकता मे वचन नहीं देना और आकुलता मे कोई काम नहीं करना है। जैन समाज के प्रवक्ता विमल जौंला ने बताया कि अग्रवाल मंदिर पर 9 नवम्बर को सिद्ध चक्र मण्डल विधान का समापन विश्व शांति महायज्ञ के साथ किया जाएगा।
इन्द्र इन्द्राणियो ने झूम झूमकर किया भक्ति नृत्य सिद्ध चक्र मण्डल समवशरण मे श्रद्धालुओं ने 128 श्री फल अर्ध्य समर्पित हुए।

सकल दिगम्बर जैन समाज के तत्वावधान में गणिनी आर्यिका विज्ञा श्री माताजी के ससंध सानिध्य में सिद्ध चक्र मण्डल विधान के चलते पांचवें दिन शनिवार को ब्रह्मचारी विधानाचार्य जिनेश भैया जयपुर के विधिवत मंत्रोच्चार के साथ भक्ति भाव से 128 श्री फल चडा़ये जिसमें सभी इन्द्र इन्द्राणियो ने गाजेबाजे के साथ भक्ति नृत्य किए।

 

 

 

चातुर्मास कमेटी के मीडिया प्रभारी विमल जौंला ने बताया कि विधान के शुभारंभ से पूर्व मंदिर अध्यक्ष सुशील नीरा जैन सोधर्म इन्द्र महेन्द्र मंजू जैन सानत इन्द्र बंटी निशा झांझरी एवं महावीर प्रसाद पराणा ने दीप प्रज्वलित किया। इस दौरान कुबेर इन्द्र ताराचंद अनिता जैन यज्ञनायक ज्ञानचन्द मुन्नी देवी जैन ईशान इन्द्र महेन्द्र सन्तोष जैन एवं श्री पाल मेनासुन्दरी विनोद कुसुमलता जैन सहित ध्वजारोहणकर्ता रामपाल ओमप्रकाश जैन ने मण्डप पर 128 श्री फल समर्पित किए गए। जौंला ने बताया कि विधान मे संगीतकार अंकित एण्ड पार्टी ने श्री सिद्ध चक्र का पाठ करो दिन आज ठाठ से प्राणी फल पायो मेना रानी के मधुर भजनों के साथ श्रद्धालुओं ने सिद्धो की आराधना

 

 

करके 128 श्री फल अर्ध्य मण्डप पर समर्पित किए। विधान के पश्चात सभी श्रद्धालुओं ने सिद्ध चक्र मण्डल विधान के परिक्रमा लगाकर जाप किए। जौंला ने बताया कि विधान के बीच गुन्सी गांव के समीप आयोजित कार्यक्रम का विज्ञातीर्थ एवं पिच्छीका परिवर्तन समारोह का बडा़ पोस्टर का विमोचन किया गया। इस अवसर पर नेमीचंद जैन सत्यनारायण विनोद कुमार जैन मोठूका विष्णु बोहरा महेन्द्र चंवरिया सुनील भाणजा दिनेश जैन त्रिलोक सिरस मुकेश जैन राजेश सांवलिया सहित अनेक लोग मौजूद थे।

 

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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