शास्त्र तो बहुत हैं, उन्हें पढ़ने के लिए हमारे पास वक्त नहीं है प्रज्ञासागर महाराज

धर्म

शास्त्र तो बहुत हैं, उन्हें पढ़ने के लिए हमारे पास वक्त नहीं है प्रज्ञासागर महाराज
उज्जैन
तपोभूमि प्रणेता प्रज्ञा सागर जी महाराज नए लक्ष्मी नगर में चल रहा है सिद्धचक्र महामंडल विधान के अंतर्गत धर्म सभा में कहा कि हंस दूध पीता है लेकिन पानी को छोड़ देता है उसी तरह शास्त्र तो बहुत हैं लेकिन उन्हें पढ़ने के लिए हमारे पास वक्त नहीं है उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यदि स्वाध्याय नहीं कर सकते तो संतो के ग्रंथ सार तत्व को ग्रहण करें।

 

प्रकाश डालते हुए आचार्य भगवंत ने कहा कि धार्मिक दृष्टिकोण से देखें तो शास्त्र बहुत अपार है

लेकिन हमारी आयु अल्प है महर्षि व्यास का जिक्र करते हुए कहा कि महर्षि व्यास ने 18 ग्रंथ लिखे हैं और जैन जगत के महान आचार्य कुंडू कुंडू स्वामी ने 84 ग्रंथों की रचना की है जिसमें दूसरों को पीड़ा देना पाप है सब जीवो से प्रेम करो परोपकार करो यही पुण्य है।

 

 

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *