मनोविकार रहित जीवन बहुत मुश्किल है मुनि श्री आदित्य सागर महाराज

धर्म

मनोविकार रहित जीवन बहुत मुश्किल है मुनि श्री आदित्य सागर महाराज
अशोकनगर
जीवन में किसी भी प्रकार का विकल्प संकलेश्ता नहीं करना चाहिए। मनोविकार रहित जीवन जीना बहुत मुश्किल है। निराकुलता में ही सच्चा सुख है। शत्रु के साथ भी प्रीती रखनी चाहिए।

 

 

सुभाषगंज स्थित प्रांगण में मंगल प्रवचन देते हुए पूज्य मुनि श्री आदित्य सागर महाराज ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि दूसरों की आलोचना करते समय ध्यान रखें की दीवारों के भी कान होते हैं, और रोशनदान की आंखें। आप यह अच्छी तरह से समझ ले कि बात घूम फिर कर वापस आ जाती।

जीवन में हमेशा प्रीति और प्रेम के साथ रहे। झूठी मायाचारी से बचे और कटु वचन कतई ना कहें। विद्वानों को प्रवचनों सत्संगों को आयोजन में कदापि पैसे नहीं लेना चाहिए ना ही धार्मिक

 

 

पुस्तकों का व्यापार करना चाहिए। ग्रंथो को बेचा नहीं जाता, भेट किया जाता है या मंदिर में रख दिया जाता है।

इस अवसर पर मुनि श्री अरह सागर महाराज ने कहा कि मानव जीवन अत्यंत दुर्लभ है, इसका सदुपयोग कर धर्म की मार्ग पर चलकर अपने इस मनुष्य जीवन को सार्थक करना चाहिए।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *