*भगवान महावीर निर्वाण उत्सव पर हुई विशेष प्रवचन सभा भगवान महावीर ने सम्पूर्ण विश्व को अहिंसा का सिद्धान्त प्रदान किया:- आचार्य विनित सागर
कामा
जैन धर्म के उन्नायक, अहिंसा के अवतार,जियो और जीने दो सिद्धांत के प्रतिपादक, वर्तमान शासन नायक व अंतिम 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर के 2549 वें निर्वाण कल्याणक पर विजय मती त्यागी आश्रम में गुरु भक्ति के दौरान जैन आचार्य विनीत सागर महाराज के विशेष प्रवचन सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान महावीर के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया तो श्रीमती मनीषा जैन ने मंगलाचरण किया।
इस अवसर पर संजय जैन सर्राफ, रेखा जैन एव कुसुम जैन ने भगवान महावीर के सिद्धांत,एवं संदेश पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन करते हुए धर्म जागृति संस्थान के राष्ट्रीय प्रचार मंत्री संजय जैन बड़जात्या ने कहा कि भगवान महावीर ने अहिंसा का सिद्धांत सम्पूर्ण विश्व को प्रदान किया जिसकी वर्तमान में महत्ती आवश्यकता दृष्टि गोचर होती है।
आचार्य ने भगवान महावीर के जीवन को विवेचित करते हुए कहा कि भगवान महावीर के पांच नाम *वर्धमान, सन्मति, वीर ,अतिवीर और महावीर* थे। आचार्य ने कहा कि पंचशील का सिद्धान्त यथा अहिंसा,सत्य,अचौर्य,अपरिग्रह ब्रह्मचर्य प्रतिपादिक किया, स्वादवाद और अनेकांतवाद का सिद्धांत विश्व को दिया और सबसे महत्वपूर्ण *जियो और जीने दो के अमर संदेश* हमें दिया। भगवान महावीर अहिंसा के अग्रदूत थे,इसी अहिंसा सिद्धांत के माध्यम से ही संपूर्ण विश्व में शांति स्थापित की जा सकती है।
*पिच्छीका परिवर्तन 6 नवम्बर को* आचार्य विनित सागर महाराज के 27 वें वर्षायोग निष्ठापन व नवीन पिच्छिका परिवर्तन समारोह रविवार 6 नवम्बर को वर्षायोग समिति व जैन समाज कामां द्वारा आयोजित किया जाएगा
संकलन अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी
