गींगला में 24 गांव के सेठ धनराज सोमावत व सरपंच रहे 90 वर्ष की आयु में बने क्षुल्लक सर्वत्याग महाराज

धर्म

गींगला में 24 गांव के सेठ धनराज सोमावत व सरपंच रहे 90 वर्ष की आयु में बने क्षुल्लक सर्वत्याग महाराज

गींगला ।
बीसा नागदा जैन समाज के चौबीस गांव के सेठ 90 वर्षीय सेठ धनराज सोमावत ने मंगलवार को चतुर्थ पट्टाधीश आचार्य सुनील सागरजी महाराज के कर कमलों से क्षुल्लक दीक्षा ली।


एक परिचय
अपने 90 वर्ष के जीवनकाल में व्यवसाय के साथ राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते हुए सेठ धनराज सोमावत गिंगला के दो बार सरपंच पद पर भी रहे। आचार्य सुनील सागरजी महाराज के सोमवार को गींगला मे मंगल प्रवेश पर दर्शन कर 90 वर्ष की आयु में भी अपने मन में वैराग्य का भाव अंगीकार कर आचार्य श्री को दीक्षा हेतु निवेदन कर मंगलवार को धर्म सभा में क्षुल्लक दीक्षा लेकर सेठ धनराज से क्षुल्लक सर्वत्याग सागर महाराज बन गए ।

सेठ धनराज सोमावत के परिवार में उनका एक पुत्र मांगीलाल पुत्रवधु कमलाबाई और 3 पौत्र पौत्रवधु का भरा पूरा परिवार है। अपने उम्र के आखिरी पड़ाव में घर परिवार सांसारिकता को छोड़कर वैराग्य पथ को अंगीकार कर सेठ धनराज ने सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। इन पलो को देख हर कोई भाव विहल था, इतनी उम्र में धर्म का लक्ष्य सहज नहीं होता

  1. इस अवसर पर आयोजित धर्मसभा में आचार्य सुनील सागर महाराज ने सेठ धनराज के सिर पर दीक्षा संस्कार कर क्षुल्लक दीक्षा प्रदान की।
    पुत्र एवं पुत्रवधू ने भी दीक्षा के भाव व्यक्त किये
    इन पलो में एक क्षण ऐसा भी आया जब अपने पिता के दीक्षा महोत्सव में दीक्षार्थी के पुत्र एवं पुत्रवधू मांगीलाल कमलाबाई सोमावत ने भी आगामी समय में दीक्षा लेने के भाव व्यक्त किए। वह क्षण अदभुत था। कार्यक्रम का संचालन प्रतिष्ठाचार्य महावीर जैन ने किया। प्रवक्ता अनिल स्वर्णकार ने बताया कि दोपहर बाद आचार्य सुनील सागर महाराज संघ का गिंगला से जावद के लिए मंगल विहार हुआ । रात्रि प्रवास सेमाल गांव में हुआ। बुधवार को सेमाल से नईजर होते हुए जावद में मंगल प्रवेश होगा* ।
    संकलन अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमडी

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