*इतना तो तय है कि कुछ भी तय नहीं है मुनि श्री शैलसागर*जी
सागर/
इतना तो तय है परंतु तय कुछ नहीं है, पुण्योदय जब आएगा तब पता चलेगा कि कौन सा बीज बोया था और कौन से फल प्राप्त हो रहे हैं। यह बात मुनि श्री शैल सागर महाराज ने भाग्योदय तीर्थ मैं प्रवचन के दौरान कही।
मुनि श्री ने कहा कोई किसी का पुण्य नहीं लूट सकता है, भाग्योदय में सर्वतोभद्र जिनालय का कार्य चल रहा है समय से पहले कुछ नहीं हो सकता। जब नदी बहती है तो सागर में ही मिलती है,लेकिन सागर की प्यास कभी पूरी नहीं होती। मुनि श्री ने कहा भाग्योदय की नीव 1993 में रखी गई थी और कुछ वर्षों बाद वह विशाल रूप ले चुका है। इसी प्रकार जिनालय की नीव आचार्य भगवंत के आशीर्वाद से रखी गई थी। वह भी जल्दी पूर्ण हो जाएगी।और उन्हीं के सानिध्य में ही मंदिर का पंचकल्याणक गजरथ महोत्सव होगा। उन्होंने कहा भाग्योदय में बैठकर ऐसा लगता है जैसे हम कुंडलपुर में ही विराजमान है।
*भाग्योदय में भव्य अगवानी हुई मुनि संघ की*
सागर/ चांदखेड़ी राजस्थान से कुंडलपुर की ओर विहार कर रहे मुनि श्री प्रसादसागर महाराज की ससंघ भव्य अगवानी भाग्योदय तीर्थ में हुई। सुबह 4 किलोमीटर के बिहार के बाद सैकड़ों लोगों ने मुनि संघ के दर्शन किए और आशीर्वाद लिया।
मुनि सेवा समिति के सदस्य मुकेश जैन ढाना ने बताया कि मुनि संघ की आहारचर्या भाग्योदय तीर्थ में हुई। दोपहर में बिहार विद्यासागर कॉलोनी स्थित जिनालय, चौधरन बाई मंदिर, मोराजी मंदिर, काकागंज जिनालय, वर्धमान कॉलोनी मंदिर, रामपुरा जिनालय के बाद मुनि संघ कटरा स्थित श्री गौराबाई मंदिर पहुंचा जहां पर मुनिसंघ का रात्रि विश्राम होगा। 12 जनवरी को मुनि संघ की आहारचर्या वर्णी कॉलोनी में होने की संभावना है और दोपहर बाद कुंडलपुर की ओर बिहार हो जाएगा मुनि संघ में नगर गौरव मुनि श्री शैलसागर महाराज है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमडी
