परम पूज्य भारत गौरव आर्यिका रत्न 105 विज्ञाश्री माताजी ससंघ श्री शांतिनाथ दिगम्बर अग्रवाल जैन मंदिर निवाई में बढा रही है धर्म की भव्य प्रभावना
निवाई
श्री शांतिनाथ अग्रवाल दिगंबर जैन मंदिर निवाई में परम पूज्य भारत गौरव आर्यिका रत्न 105 विज्ञाश्री माताजी ससंघ के सानिध्य में आज प्रातः अभिषेक शांति धारा के बाद अष्टद्रव्यों से पूजा हुई कार्यक्रम अन्तर्गत जैन समाज के मीडिया प्रवक्ता राजाबाबू गोधा ने अवगत कराया कि आर्यिका श्री ने श्रृद्धालुओं को भरी धर्म सभा में सम्बोधित करते हुए कहा की अनादि काल से आज तक हमने अपनी मंजिल को दौड़ कर के प्राप्त करना चाहा है
,दौड़ करके मंजिल प्राप्त नहीं की जाती है जिस प्रकार कोई व्यक्ति अपनी परछाई को दौड़कर के प्राप्त नहीं कर सकता जितना ज्यादा दौड़ता है परछाई उतनी ही ज्यादा आगे दौड़ती चली जाती है किंतु जैसे ही ठहर जाता है पर परछाई भी डर जाती है , हमारा ठहराना हमारा स्वभाव है इसलिए हमें ठहराना ही पड़ेगा ,


बाहर से भी ठहराना पड़ेगा , अंदर से भी ठहराना पड़ेगा,जब ठहर जायेंगे तब हम पाएंगे और नहीं ठहरेंगे तो उसे देखने में निहारने मे प्राप्त करने में और शांति प्राप्त करना चाहते हैं पर उनके लिए कभी शांति नहीं मिलती । कार्यक्रम बाद आर्यिका श्री ने सभी भक्तजनों को मंगलमय आशीर्वाद दिया।
*राजाबाबू गोधा जैन महासभा मीडिया प्रवक्ता राजस्थान से प्राप्त जानकारी
संकलन अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी
