बडा बनने के लिए खुद के लिए जीना छोड़ना जरूरी है कोठारी तपस्वी के बहुमान कार्यक्रम में पहुचकर अनुमोदना की

धर्म

बडा बनने के लिए खुद के लिए जीना छोड़ना जरूरी है कोठारी
तपस्वी के बहुमान कार्यक्रम में पहुचकर अनुमोदना की
रामगंजमडी

 

 

शुक्रवार की बेला में 31 उपवास तपस्वी गौरव बाफना के बहुमान समारोह में राजस्थान पत्रिका के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी आए उन्होनें साध्वी प्रवर गुणरंजना श्री जी महाराज की मंगल आशीष ली। व तपस्वी की अनुमोदना की व कुशलक्षेम जानी।इस अवसर पर उन्होनें तपस्या और तप के विषय मे बोलते हुए कहा की बड़ा बनना है तो खुद के लिए जीना छोड़ना जरूरी है। शरीर का कार्य तो श्रम करना  है,कभी तप नही करता है। सही तप तो मन करता है। एक उदाहरण से उन्होने समझाया आम की गुठली को भी पेड़ तक पहुचने के लिए जमीन तक गढ़ना पड़ता है। तब जाकर व गुठली पेड़ बन पाती है।
उन्होंने कहा माता पिता को बच्चो के अंदर संस्कार व समय देने की बात दोहराई

इस अवसर पर श्वेताम्बर जैन श्रीसंघ की और से उनका अभिनदन किया गया
अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमडी

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