श्री भक्तामर विधान के साथ की जगत कल्याण के लिए शान्तिधारा
यात्रियों को ठहरने की उत्तम व्यवस्था हो रही है–काकामुनि पुंगव ने दादाबाड़ी को बना दिया तीर्थ-विजय धुर्रा
कोटा
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-वैसे तो कोटा को शिक्षा चिकित्सा का हल माना जाता है लेकिन जब से यहां आध्यात्मिक संत मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज का चातुर्मास हुआ है तब से जैन नसिया दादाबाड़ी जैन श्रद्धालुओ के लिए तीर्थ बन गया है।यहां सिंहासन सहित इक्कीस फिट पद्मासन प्रभु श्री आदिनाथ स्वामी व त्रिकाल चौबीस सभी के आकर्षण का केन्द्र है। यहां भक्ति करते भक्तों को देखना आनंदित कर देता हैं। आज यहां जगत कल्याण की कामना के लिए महा शान्ति धारा की गई। जिसका सौभाग्य चांदखेड़ी कमेटी के अध्यक्ष हुकम काका,राजेन्द्र कुमार, प्रकाश हरसौरा, मध्यप्रदेश महासभा के संयोजक विजय धुर्रा कैलाश जैन, मनीष मोहीवाल, अशोक खादी संजय जैन आदि ने की इसके साथ ही भगवान का अभिषेक पूजन किया गया।
*मंडल पर की रजत कलश की स्थापना*

पुण्योदय तीर्थ दादाबाड़ी में भगवान श्री आदिनाथ स्वामी की महा आराधना रुप श्री भक्तामर महामंडल विधान के दौरान मंडल पर शान्ति कलश हुकम काका ने मंगल कलश विजय धुर्रा अशोक नगर ने दीप स्थापना श्री सुधा सागर छात्रावास की अध्यक्ष श्रीमति रानी जम्बू हरसौरा ने की। वहीं मंगल कलश राजेन्द्र कुमार प्रकाश चन्द्र प्रतीक हरसौरा द्वारा स्थापित किए गये तदउपरान्त भगवान की महा आराधना रुप श्री भक्तामर महा मंडल विधान में मंडल पर श्री फलों के साथ अर्घो का समर्पण भक्तों द्वारा भक्ति भाव से किया गया
देशभर से भक्तों के आने का तांता लगा रहता है -विजयधुर्रा
इस दौरान मध्यप्रदेश महासभा के संयोजक विजय धुर्रा ने कहा कि परम पूज्य मुनि पुगंव श्री सुधा सागर जी महाराज के आशीर्वाद से ना केवल दादाबाड़ी का जीर्णोद्धार हुआ। बल्कि एक तीर्थ के रूप में देशभर से भक्तों के आने का तांता लगा रहता है। स्वस्थ और शिक्षा से जुड़े होने के कारण देशभर के जैन समाज को पुण्योदय तीर्थ के छात्रावास कन्या छात्रावास की सुविधाओं का लाभ मिल रहा है यहां रहकर बच्चे शिक्षा के साथ अपने धर्मिक संस्कारों को बनाये रखते हैं ।
पुण्योदय की भूमिका बढ़ जाती है –काका
पुण्योदय तीर्थ के निर्देशक हुकम काका ने कहा कि आने वाले यात्रियों को अच्छी से अच्छी सुविधाएं देने की हमारी प्राथमिकता है यहां अब जो भी श्रद्धालु आते हैं वे आसपास चांदखेड़ी बिजोलिया जहाजपुर तीर्थो की वंदना का लाभ लेकर यही से गंतव्य की ओर जाते हैं, तो ऐसे में पुण्योदय तीर्थ की भूमिका और अधिक बढ जाती है। यहां बच्चो को होस्टल की सुविधा पहले से है। बेटियो को भी अलग कैम्पस में हास्टल की सुविधा दी जा रही है। बेटियो की बढ़ती संख्या को देखते हुए चौंतीस कमरे तैयार किये जा रहें हैं।जो चार माह में तैयार हो जायेंगे।
संकलन अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमडी
