जाने अनजाने में हुई गलतियों पर एक दूसरे से माफी मांगकर गले मिलने की परंपरा सनातन काल से चली आ रही है। गोपाल भार्गव

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जाने अनजाने में हुई गलतियों पर एक दूसरे से माफी मांगकर गले मिलने की परंपरा सनातन काल से चली आ रही है। गोपाल भार्गव

 

गढ़ाकोटा |

बड़ा जैन मंदिर क्षमाधाम परिसर  में आर्यिका प्रशांतमति माताज संघ के मंगल सानिध्य में पर्युषण महापर्व के समापन पर क्षमावाणी पर्व कार्यक्रम मनाया गया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश सरकार के महामंत्री गोपाल भार्गव ने आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के चित्र का अनावरण व दीप प्रज्ज्वलन करकार्यक्रम का आगाज  किया।

इस अवसर पर भार्गव ने परम पूज्य आर्यिका प्रशांतमति माताजी संघ का आशीर्वाद लिया। बोलते हुए श्री भार्गव ने  कहा कि विश्व मे जैन धर्म के दशलक्षण पर्व के समापन पर समाज के बीच क्षमावाणी पर्व मनाया जाता है। जाने अनजाने में हुई गलतियों पर एक दूसरे से माफी मांगकर गले मिलने की परंपरा सनातन काल से चली आ रही है।  कजलियों का पर्व और क्षमावाणी पर्व से हमें अपनों से हाथ जोड़कर क्षमा मांगने का अवसर मिलते है। अपने जीवन में किसी से बैर भाव मत रखो। यदि है तो क्षमा मांगकर उदार बनने का प्रयास करना चाहिए।

संकलन अभिषेक जैन लुहांडीया रामगंजमंडी

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