अशोक सुशीला पाटनी सन्त सेवा में समर्पित

एक ऐसा व्यक्तित्त्व जिस पर जितना कहा जाए कम हो जाता है शब्द बोने से लगने लगते है हम उन व्यक्तित्व की बात कर रहे जिनका नाम किसी से अछूता नही है श्री अशोक पाटनी (आर. के.मार्बल) इन्हें क्या कहे,एक उद्योगपति, एक सेवा भावी, एक उदारमना, एक भामाशाह सब इन्हें कहा जा सकता इन पर्युषण पर्व में संयम, साधना तप निष्ठा के साथ विश्व वन्दनीय आचार्य श्री विद्यासाग़र महाराज की सेवा में संलग्न है।
आज उन्हें आचार्य श्री आहारचर्या व चरण वन्दना का पुण्य लाभ मिला। वही आहारचर्या के बाद श्रीमती सुशीला पाटनी ने प्रतिमा के व्रत आचार्य श्री से लिए। आज 21 करोड़ 21 लाख का दान भी किया।यह यही सीख देता कितना भी ऊंचा उठ जाओ लेकिन मानव नियम संयम तप साधना से ऊंचा उठता है और विशालता का पाता है।
धन्य है ऐसे महामना, धन्य है ऐसे व्यक्तित्त्व
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
