वात्सलय वारिधि आचार्य वर्धमान सागर जी महाराज द्वारा 29 को होगी दीक्षाए व 28को दीक्षार्थी द्वारा किया जाएगा गणधर बलय विधान
श्री महावीर जी
24 वे तीर्थंकर श्री महावीर स्वामी अतिशय क्षेत्र ,आर्यिका श्री गुणमति माताजी के जन्म नगरी तथा दीक्षा स्थली, साधुओं की निर्वाण समाधि भूमि में 29 अगस्त को होगी 24 वी दीक्षा होगी प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवती आचार्य 108 श्री शांतिसागर जी महाराज की अक्षुण्ण मूल बाल ब्रह्मचारी पट्ट परंपरा के तृतीय पट्टाधीश आचार्य श्री 108 धर्मसागर जी महाराज से दीक्षित पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री 108 वर्धमान सागर जी महाराज अपने दीक्षा स्थली में महावीर जी के इतिहास की 24 वी दीक्षा देंगे,तथा स्वयम की 92 वी दीक्षा तथा महावीर जी मे तीसरी दीक्षा देंगे। इसी क्रम में28 अगस्त को दीक्षार्थियों का कर पात्र आहार एवम गणधर वलय विधान होगा। चातुर्मास कमेटी के अध्यक्ष राजकुमार सेठी, नरेश सेठी, एवम गजू भैया ने बताया कि उदयपुर निवासी श्री नरेंद्र जी एवम श्रीमती शांतादेवी अखावत पति पत्नी को वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री108 वर्द्धमान सागर जी के कर कमलों से दीक्षा होगी।इस क्रम में दिनांक 28 अगस्त को नित्य नियम ,नियम पूजन पंचामृत अभिषेक पश्चात आचार्य संघ की आहार चर्या होगी। इसके बाद दीक्षार्थीयो द्वारा कर पात्र में आहार लिया जावेगा। दोपहर को दीक्षार्थियों द्वारा गणधर वलय विधान की पूजन की जावेगी। साथ ही पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी महाराज की पूजन की जावेगी।
एक रोचक जानकारी
राजेश पंचोलिया इंदौर ने श्री महावीरजी के दीक्षा संबंधी पूर्व इतिहास बाबत बताया कि सन 1967 में आचार्य 108 श्री देशभूषण जी महाराज ने आर्यिका 105 श्री ज्ञानमती माताजी को श्री महावीर जी मे क्षुल्लिका दीक्षा दी थी। 1966 में द्वितीय पट्टाधीश आचार्य 108 श्री शिवसागर जी महाराज ने छह दीक्षाएं श्री महावीरजी में दी। जिसमें एक ही परिवार के माता पुत्र तथा पुत्र वधू मुनि श्री 108 श्रेयांस सागर जी महाराज, आर्यिका 105 श्री श्रेयांसमति माताजी, आर्यिका 105 श्री अरहमति माताजी, आर्यिका 105 श्री कनकमति माताजी, आर्यिका 105 श्री सुशीलमति माताजी, क्षुल्लिका 105 श्री कल्याणमति माताजी सहित श्री महावीर जी में दीक्षाएं दी गई ।वही 1969 में 11 दीक्षाएं हुई। तृतीय पट्टाधीश आचार्य 108 श्री धर्मसागर जी महाराज ने वात्सल्य वारिधि आचार्य 108 श्री वर्धमान सागर जी महाराज सहित कुल 11 दीक्षाएं 24 फरवरी 1969 को श्री महावीरजी में दी थी।
1 मुनिश्री 108महेंद्र सागर जी महाराज
2 मुनिश्री 108अभिनंदन सागर जी महाराज
3 मुनिश्री 108 संभव सागर जी महाराज
4 मुनिश्री 108 शीतल सागर जी महाराज
5 मुनिश्री 108यतीन्द्र सागर जी महाराज,
6 मुनिश्री 108 वर्द्धमान सागर जी महाराज
7 आर्यिका 105 श्री गुणमति माताजी
8 आर्यिका 105 श्री विद्यामति माताजी
9 क्षुल्लक 105 श्री गुण सागर जी महाराज
10 क्षुल्लक 105 श्री बुद्धिसागर जी महाराज
11 क्षुल्लिका 105 श्री अभयमति माताजी
सन 1974 में भी दीक्षा
यह क्रम रुका नहीं इसके बाद सन 1974 में आचार्य कल्प 108 श्री श्रुतसागर जी महाराज ने मुनि श्री समता सागर जी महाराज को मुनि दीक्षा दी।
सन 1998 में दीक्षा
पूज्य आर्यिका 105 श्री सुपार्श्वमति माताजी ने 8 जुलाई 1998 को क्षुल्लक 105 श्री धैर्यसागर जी महाराज को दीक्षा दी इनकी समाधि भी श्री शान्तिवीर नगर में सन 1999 में हुई है। आचार्य 108 श्री शिवसागर जी महाराज की समाधि के बाद पीछे समाधि स्थल बना है।
सन 2018 में दीक्षा
सन 2018 में आचार्य 108 श्री चैत्यसाग़र जी महाराज ने 7 मार्च 2018 को क्षुल्लक 105 श्री जयवंत सागर जी महाराज को मुनि दीक्षा दी।
सन 2022 में दीक्षा
सन 2022 में आचार्य 108 श्री वर्धमान सागर जी महाराज ने दीक्षा स्थली महावीर जी में अपनी 90 वी तथा महावीर जी मे पहली बार दो क्षुल्लिका दीक्षा 105 श्री शांतमति माताजी एवम श्री क्षुल्लिका 105 शीलमति माताजीजी को दी। इस प्रकार पूर्व श्री महावीर जी में 23 दीक्षाएं हो गई है।
जन्म ,दीक्षा तथा निर्वाण भूमि का अनूठा संयोग है।
अतिशय क्षेत्र श्री महावीर जी नगर गौरव आर्यिका 105 श्री गुणमति माताजी की जन्म नगरी है ।नगर की बेटी की दीक्षा भी 1969 में इसी क्षेत्र पर हुई है।आचार्य 108श्री शिवसागर जी महाराज की सन 1969 में समाधि,हुई है।तथा वर्ष 1999 में मुनिश्री 108 धैर्यसागर जी महाराज की समाधि हुई है।इस कारण श्री महावीर जी अब आचार्य श्री साधुओं की निर्वाण स्थली भी है।
24 वी दीक्षा होगी। 24 का अनूठा संयोग
अब 29 अगस्त 2022 को पंचम पट्टाधीश वात्सल्य वारिधि आचार्य 108 श्री वर्द्धमान सागर जी महाराज श्री महावीर जी की 24 वी दीक्षा देगे
यह भी अतिशय एवम साधुओं की निर्वाण तथा जन्म भूमि का अनूठा संयोग है। सन2022 के पूर्व के वर्षो में
21 दीक्षा शान्तिवीर नगर मे
![]()
अभी तक 21 दीक्षाएं तथा समाधि शान्तिवीर नगर में हुई है सन 2022 से श्री महावीर जी मे दीक्षा हो रही है। जैसा कि आप सभी जानते है कि 24 वे तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी का 24 वर्षो बाद महामस्तकाभिषेक होगा।कार्यक्रम भी 24 नवम्बर से प्रारम्भ होंगे। 1008 श्री महावीर स्वामी की 24 फ़ीट की खड्गासन प्रतिमा विराजित हो गई है जिसकी प्रतिष्ठा भी पंच कल्याणक में होगी
साथ मे नूतन 24 प्रतिमाओं का भी पंच कल्याणक में प्रतिष्ठा होगी।
24 वे भगवान का सम नाम श्री वर्द्धमान है। और प्रमुख सानिध्य निर्देशन भी पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी प्रदान करेंगे। एक ओर उल्लेखनीय बात संघ की द्रष्टिकोण से है कि आचार्य श्री के संघ में आदरणीय गजु भैया भी 24 वर्षो से समर्पित है। संघ के पंडित जी का नाम भी 24 वे भगवान के नाम पर पंडित श्री महावीर जी जोबनेर है।
राजेश पंचोलिया इंदौर
वात्सल्य वारिधि भक्त परिवार
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

