वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी के पावन कर कमलों से 4 अगस्त को होगी 2 दीक्षाएं

धर्म

वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी के पावन कर कमलों से 4 अगस्त को होगी 2 दीक्षाएं
श्री महावीरजी
श्री शान्तिवीरशिवधर्माजीत वर्द्धमान सुर्रिभ्यो नमःदिन रात मेरे स्वामी यह भावना में भाऊ देहांत के समय मे तुमको न भूल जाऊ,जीवन है पानी की बूंद कब मिट जावे रे।
प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवती आचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज के तृतीय पट्टाधीशआचार्य श्री धर्मसागर जी महाराज श्री से श्री महावीर जी मे दीक्षित वात्सल्य वारिधि पंचम पट्टाधीशआचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी महाराज श्री के द्वारा दिनांक 4 अगस्त मुकुट सप्तमी 1008 श्री पार्श्वनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक दिवस पर श्री महावीर जी में पहली बार 2 दीक्षाएं दी जावेगी अगर नजर डाली जाए तो आचार्य श्री द्वारा अभी तक 89 दीक्षाएं दी जो पूर्व में 33 वर्ष के आचार्य पद पर दी है।
एक परिचय दीक्षार्थी जीवन कृतित्व पर
गौर तलब एवम अनुकरणीय यह है की जीवन की नश्वरता को समझ कर श्री सुरेशजी ने वर्ष 2015 में किशनगढ़ में क्षुल्लक दीक्षा आचार्य श्री से लेकर क्षुल्लक 105 श्री विशाल सागर जी बने। वही आपकी ग्रहस्थ अवस्था की पत्नी ने भी वर्ष 2015 किशनगढ़ में आचार्य श्री से दीक्षा लेकर आर्यिका 105 श्री विचक्षण मति माताजी बनी।अब इतिहास पुनः दोहराया जा रहा है कीअब क्षुल्लक जी की गृहस्थ अवस्था की माताजी श्रीमती धीसी देवीजी पति स्व श्री चिरंजीलाल जी ठोलिया उम्र 79 वर्ष एवम सासुजी श्रीमती भगवानी देवी जी स्व श्री जिनेन्द्र जी जयपुरिया सीकर उम्र 74 वर्ष में भी श्री महावीरजी मे वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी महाराज श्री से 4 अगस्त 2022 को दीक्षा लेगी।
राजेश पंचोलिया वात्सलय भक्त परिवार
संकलन अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी

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