प्रतिक्रमण से होती है कर्मो की निर्जरा-स्वस्तिभूषणमाताजी पदमप्रभू चालीसा के पाठ शुरु-चालीस दिन तक चलेगे पाठ

धर्म

प्रतिक्रमण से होती है कर्मो की निर्जरा-स्वस्तिभूषणमाताजी
पदमप्रभू चालीसा के पाठ शुरु-चालीस दिन तक चलेगे पाठ
जयपुर –
– जब किये गये कर्मो का फल मिलता है तब लोग कहते हैं कि भगवान ने बहुत बुरा किया। ये ज्ञान का दुरुपयोग है। जो स्वयं की गलती नहीं देखता है और सदा दूसरों को दोष देता है।
कर्मो को दूर करने का उपाय अवश्य करना चाहिए। प्रतिदिन प्रतिक्रमण अवश्य करे इससे कर्मो का क्षय होता है। अपने अपराध, अपनी गलती स्वीकार करने का प्रतिक्रमण एक सशक्त माध्यम है। ये विचार गणिनी आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी ने श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र पदमपुरा में आयोजित धर्म सभा में कहे।
इस मौके पर माताजी के सानिध्य में भगवान पदमप्रभू चालीसा के पाठ शुरु किये गये। ये पाठ चालीस दिन तक लगातार चलेंगे। एक दिन में चालीस पाठ किये जायेंगे। इस मौके पर बडी संख्या श्रद्धालुगण शामिल हुए ।


सामूहिक पाठ का शुभारंभ करने से पूर्व श्रद्धालुओं द्वारा भगवान के अभिषेक, शांतिधारा की गई। स्वस्ति भूषण चातुर्मास व्यवस्था समिति एवं पदमपुरा क्षेत्र कमेटी की ओर से भगवान पदमप्रभू एवं रक्षक देव क्षेत्र पाल जी के श्रीफल भेट कर आशीर्वाद प्राप्त किया गया ।


चातुर्मास समिति के मुख्य समन्वयक रमेश ठोलिया एवं उपाध्यक्ष विनोद जैन ‘कोटखावदा’ के अनुसार माताजी ससंघ के सानिध्य में रविवार 24 जुलाई को बालिकाओं के लिए स्मार्ट गर्ल प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जावेगा जिसमें पूरे देश से 15 वर्ष से अधिक आयु की अविवाहित बालिकाएं शामिल होगी। श्री दिगम्बर जैन महिला महासमिति के संयोजन में यह आयोजन किया जायेगा। मुख्य वक्ता के रूप में मुम्बई के डाॅ. युवराज जैन, पूणे की डॉ ममता जैन एवं जयपुर के मोटिवेशनल स्पीकर सौरभ जैन होगें ।


इस मौके पर शिक्षा के क्षेत्र में अद्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली बालिकाओं को सम्मानित किया जाएगा।
संकलन अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *