मुनि श्री अक्षय साग़र महाराज संघ का हुआ नगर आगमन आदर्शमती माताजी संघ ने की अगवानी

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मुनि श्री अक्षय साग़र महाराज संघ का हुआ नगर आगमन आदर्शमती माताजी संघ ने की अगवानी


अशोकनगर
-संत शिरोमणि आचार्यश्री विद्यासागर महाराज के परम शिष्य मुनिश्री अक्षय सागर,मुनिश्री नेमि सागर, मुनिश्री शैलसागर, मुनिश्री अचलसागर महाराज व ऐलकश्री उपशम सागर महाराज ससंघ का नगर आगमन हुआ जहां नगर में विराजमान आर्यिकारत्न श्रीआदर्श मति माताजी ससंघ ने गांधी पार्क चौराहे पर पहुंच कर मुनि संघ की अगवानी की।


मध्यप्रदेश महासभा के संयोजक विजय धुर्रा ने बताया कि मुनि संघ ने रविवार शाम को अतिशय क्षेत्र थूबोनजी से पद विहार कर रात्रि विश्राम ग्राम डगौरा में किया। प्रातः काल की बेला में अशोक नगर के लिए बिहार किया। व थूबोनजी रोड़ से नगर प्रवेश किया।जहां समाज के प्रमुख रमेश चौधरी, मंत्री भानू चौधरी,जैन युवा वर्ग के पूर्व प्रमुख विजय धुर्रा मंदिर संयोजक मनीष, एम पी एस के जैन,सजीव, महावीर, निर्मल मिर्ची, संस्कार जैन,विपिन बडकुल सहित अन्य भक्तों ने अगवानी की। बाद में मुनि संघ को जुलूस के रूप में नगर प्रवेश कराया गया।
आर्यिका माताजी संघ ने आगवानी की व परिक्रमा की


शहर के हदृय स्थल गांधी पार्क चौराहे पर आर्यिकारत्न श्री आदर्श मति माताजी ससंघ ने मुनि संघ की अगवानी कर वंदना की।व परिक्रमा की। व मुनि संघ को शोभा यात्रा के रूप में नगर के मुख्य मार्गों से सुभाष गंज पहुंचे जहां महिला मंडलों व भक्तों ने अगवानी की ।

हमारी यात्रा की दिशा क्या हमे पता नही मुनि श्री


इस दौरान धर्म सभा को सम्बोधित करते हुए मुनि श्री अक्षय सागरजी महाराज ने कहा की यह आत्मा अनादी काल से भ्रमण कर रही है, लेकिन इसको पता ही नहीं है कि हमारी यात्रा की दिशा क्या है। हमें अपने आत्म तत्त्व को पहचानने की आवश्यकता है। जहां चुम्बक होता है वहा लोह तत्व खिंचा चला जाता है। वैसे ही हम परमात्मा के चुम्बकीय क्षेत्र को पहचाने लग जाये तो उनकी शरण मिलने में देर नहीं होगी।
महान पुण्य के उदय से मिलते हैं तीर्थ के दर्शन


इसके पहले गत दिवस मुनि संघ के सान्निध्य में अतिशय क्षेत्र दर्शनोंदय तीर्थ थूबोनजी में भगवान का महा अभिषेक के साथ जगत कल्याण की कामना के लिए महा शान्ति धारा की गई।इस दौरान मुनि श्री ने कहा कि दर्शनोदय तीर्थ थूबोनजी के इस महान पवित्र क्षेत्र पर पहुंचे है।तीर्थक्षेत्र की यात्रा महान पुण्य के उदय से मिलती है। उन्होंने कहा कल जब हम आ रहे थे तो यहां का नजारा पहाड़ी से अलग ही लग रहा था। आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के चरणों की वंदना पहली बार दर्शन व वंदना करने का परम सौभाग्य इसी थूबोनजी क्षेत्र पर मिला था 1987 का चातुर्मास उन दिनों बहुत चर्चित हुआ था। वो दिन आज भी हमें याद है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी

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