जहा हिंसक जानवर को पाला जाता हैं वहां मुनिराजो को आहार नही करना चाहिए अजीत सागर महाराज

जहा हिंसक जानवर को पाला जाता हैं वहां मुनिराजो को आहार नही करना चाहिए अजीत सागर महाराज सागर भाग्योदय तीर्थ परिसर में पूज्य मुनि श्री अजीत सागर महाराज ने मोकामा की महाकाव्य पर अपने प्रवचन देते हुए कहा कि अतिथि के सम्मान करने वाले व्यक्ति को हर जगह सम्मान प्राप्त होता है। यदि आप अतिथि […]

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आचार्य ज्ञानसागर ने श्रमण परंपरा को जवान किया है मुनि श्री अजीत सागर महाराज

आचार्य ज्ञानसागर ने श्रमण परंपरा को जवान किया है मुनि श्री अजीत सागर महाराज सागर जिनके सिर पर गुरु का हाथ होता है उन्हें हाथों की लकीरों की आवश्यकता नहीं होती है। 55 साल पहले जब छोटे बालक को दीक्षा दी गई तो किसी ने उनसे पूछा कि घर से मंदिर तक की दूरी कितनी […]

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मन,वचन, काय से सच्चे गुरु और प्रभु को गुरु को जिसने भी अपना आदर्श बनाया है,वह अटक भटक नही सकता अजित सागर महाराज

मन,वचन, काय से सच्चे गुरु और प्रभु को गुरु को जिसने भी अपना आदर्श बनाया है,वह अटक भटक नही सकता अजित सागर महाराज सागर पूज्य मुनि श्री 108 सागर महाराज ने अजित सागर महाराज ने भाग्योदय तीर्थ सागर में अपने उद्बोधन में गुरु की महिमा को बताते हुए कहा कि मन,वचन, काय से सच्चे गुरु […]

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