केशवरायपाटन को धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर लाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी : आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी

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केशवरायपाटन को धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर लाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी : आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी

 

नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने लिया आर्यिका रत्न 105 स्वस्तिभूषण माताजी का आशीर्वाद, माताजी ने कहा—राजनीति से ऊपर उठकर विकास के लिए करें कार्य

 

केशवरायपाटन। अतिशय क्षेत्र केशवरायपाटन में नगरपालिका की नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्रीमती अनुराधा मलिक, कांग्रेस प्रत्याशी रहे तुषार शर्मा सहित नवनिर्वाचित पार्षदों ने भारत गौरव आर्यिका रत्न 105 स्वस्तिभूषण माताजी के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर माताजी ने सभी जनप्रतिनिधियों को क्षेत्र के विकास के लिए शुभकामनाएं दीं।

 

आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी ने कहा कि केशवरायपाटन सांप्रदायिक सौहार्द और धार्मिक आस्था की नगरी है। इसे धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर स्थापित करने के लिए सभी जनप्रतिनिधियों को राजनीति से ऊपर उठकर सामूहिक भावना से प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस पावन नगरी में विकास की अपार संभावनाएं हैं और प्रकृति ने भी इसे बहुत कुछ प्रदान किया है। आवश्यकता केवल टीम भावना और निस्वार्थ भाव से कार्य करने की है।

 

माताजी ने कहा कि केशवरायपाटन में देशभर से श्रद्धालुओं का आगमन बढ़ेगा तो धार्मिक पर्यटन के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इसके लिए जनप्रतिनिधियों, समाज और नागरिकों को मिलकर सकारात्मक दिशा में प्रयास करने होंगे।

 

पर्व केवल उत्सव नहीं, जीवन को संस्कारित करने का माध्यम

 

आध्यात्म साधना शिविर में आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी ने पर्वों की आध्यात्मिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत में वर्षभर किसी न किसी रूप में पर्व मनाए जाते हैं। इनमें कुछ आध्यात्मिक, कुछ सामाजिक तो कुछ राष्ट्रीय महत्व के होते हैं। जैन धर्म में भी पर्वों की समृद्ध परंपरा है, जिनका उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं, बल्कि जीवन को संस्कारित करना और आत्मा को पवित्र बनाना है।

 

उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक पर्वों में व्रत, उपवास और संयम के माध्यम से इंद्रियों, मन, वचन और काया पर विजय प्राप्त करने का पुरुषार्थ किया जाता है। भोग और उपभोग की प्रवृत्तियों पर नियंत्रण रखते हुए संतोष को जीवन में धारण करना ही पर्वों की वास्तविक सार्थकता है।

 

माताजी ने कहा कि पर्व तभी सार्थक हैं, जब उनके माध्यम से विचार निर्मल हों, व्यवहार संयमित हो और आत्मा अध्यात्म की ओर अग्रसर हो।

 

इससे पूर्व प्रबंध कार्यकारिणी समिति की ओर से नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों एवं समाजजनों ने माताजी का आशीर्वाद प्राप्त किया।

 

संकलन : अभिषेक जैन लुहाड़िया, रामगंजमंडी

मो. 9929747312

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