रामगंजमंडी से 115 श्रद्धालुओं का संघ अजमेर रवाना मुनिश्री निष्पक्ष सागर एवं निस्पृह सागर महाराज के वर्षायोग कलश स्थापना समारोह में होंगे सहभागी
तीर्थ वंदना के साथ प्रारंभ हुआ धार्मिक प्रवास | बिजोलिया से नारेली तक विभिन्न तीर्थ क्षेत्रों के होंगे दर्शन-वंदन
रामगंजमंडी।
पूज्य संतों के पावन सान्निध्य एवं वर्षायोग कलश स्थापना समारोहों के अवसर पर देशभर में श्रद्धालुओं के धार्मिक प्रवास का क्रम जारी है। इसी श्रृंखला में सकल दिगंबर जैन समाज रामगंजमंडी के 115 श्रद्धालुओं का संघ शनिवार प्रातः तीर्थ वंदना एवं पूज्य मुनिश्री 108 निष्पक्ष सागर महाराज तथा पूज्य मुनिश्री 108 निस्पृह सागर महाराज के वर्षायोग कलश स्थापना समारोह में सहभागी बनने के लिए अजमेर रवाना हुआ।



धर्मयात्रा के शुभारंभ के अवसर पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह एवं भक्ति का वातावरण रहा। परम मुनि भक्त सिद्धार्थ जैन बाबरिया एवं समाज के वरिष्ठजनों ने मंगलभावनाओं के साथ हरी झंडी दिखाकर बस को रवाना किया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान एवं गुरुदेव के जयकारों के साथ अपनी मंगल यात्रा का शुभारंभ किया।








अजमेर में होगा वर्षायोग कलश स्थापना समारोह
परम पूज्य आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज के परम शिष्य एवं आचार्य श्री 108 समयसागर जी महाराज के आज्ञानुव्रती शिष्य परम पूज्य मुनिश्री 108 निष्पक्ष सागर महाराज एवं परम पूज्य मुनिश्री 108 निस्पृह सागर महाराज वर्तमान में अजमेर स्थित जिनशासन तीर्थ में विराजमान हैं।
दोनों मुनिश्री के वर्षायोग कलश स्थापना समारोह का आयोजन 9 अगस्त को अजमेर में होगा। रामगंजमंडी से पहुंच रहा 115 श्रद्धालुओं का संघ इस पावन अवसर पर श्रद्धापूर्वक सहभागी बनेगा।
अनेक तीर्थ क्षेत्रों की होगी वंदना
धार्मिक प्रवास के दौरान श्रद्धालुओं का संघ विभिन्न पावन तीर्थ क्षेत्रों की दर्शन-वंदना करेगा। यात्रा के क्रम में बिजोलिया तीर्थ, चवलेश्वर पार्श्वनाथ, स्वस्तिधाम तीर्थ जहाजपुर एवं गुलगांव तीर्थ की वंदना की जाएगी।
इसके पश्चात श्रद्धालु ज्ञानोदय तीर्थ नारेली, अजमेर पहुंचकर तीर्थ दर्शन करेंगे। नारेली तीर्थ में रात्रि विश्राम के बाद रविवार को सभी श्रद्धालु अजमेर स्थित जिनशासन तीर्थ पहुंचेंगे और पूज्य मुनि संघ के वर्षायोग कलश स्थापना समारोह में सम्मिलित होकर धर्मलाभ प्राप्त करेंगे।
मुनि संघ की प्रेरणा से साकार हो रहा भव्य जिनालय
यात्रा को मंगलभावनाओं के साथ रवाना करते हुए परम मुनि भक्त सिद्धार्थ जैन बाबरिया ने कहा कि पूज्य मुनि संघ की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन से रामगंजमंडी में वर्षों से प्रतीक्षित एक ऐतिहासिक कार्य अब साकार रूप ले रहा है।
उन्होंने कहा कि मूलनायक श्री शांतिनाथ भगवान का भव्य एवं दिव्य स्वरूप रामगंजमंडी में विराजमान हो चुका है और पूज्य मुनि संघ की प्रेरणा से विशाल एवं भव्य जिनालय के निर्माण का कार्य भी प्रगति पर है।
उन्होंने कहा कि श्रद्धालु इसी भावना के साथ अजमेर जा रहे हैं कि गुरुदेव की प्रेरणा एवं आशीर्वाद से निर्माणाधीन भव्य जिनालय का कार्य शीघ्र पूर्ण हो तथा चातुर्मास के पश्चात पूज्य मुनि संघ का पुनः रामगंजमंडी आगमन हो। उनके पावन सान्निध्य में मंदिर का पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव संपन्न हो, यही समस्त समाज की भावना है।
चार माह का पावन प्रवास आज भी स्मृतियों में अंकित
सिद्धार्थ जैन बाबरिया ने कहा कि पूज्य महाराज श्री संघ का रामगंजमंडी में रहा चार माह का पावन प्रवास आज भी नगरवासियों के स्मृति पटल पर अंकित है। उस प्रवास के दौरान नगर में धर्म, भक्ति और साधना की जो ऊर्जा प्रवाहित हुई, उसका प्रभाव आज भी समाज में अनुभव किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यही कारण है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु गुरुदेव के दर्शन करने और उन्हें पुनः रामगंजमंडी लाने की भावना से आतुर हैं। तीर्थ वंदना के साथ पूज्य मुनि संघ के दर्शन एवं वर्षायोग कलश स्थापना समारोह में सहभागी बनने का अवसर मिलना प्रत्येक श्रद्धालु के लिए सौभाग्य एवं पुण्य का विषय है।
यात्रा व्यवस्था में इनका रहा विशेष सहयोग
115 श्रद्धालुओं के इस धार्मिक प्रवास की बस व्यवस्था एवं संयोजन में प्रदीप जैन सोनी, राकेश जैन बाकलीवाल एवं प्रकाश विनायका की सक्रिय भूमिका रही।
वर्षायोग कलश स्थापना समारोह में सहभागी बनने के पश्चात श्रद्धालुओं का संघ रविवार मध्यरात्रि तक रामगंजमंडी वापस लौटेगा।
इसके अलावा समाज के दर्जनों श्रद्धालुओं के रविवार को निजी वाहनों से भी अजमेर पहुंचने की संभावना है। इस प्रकार रामगंजमंडी से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अजमेर पहुंचकर पूज्य मुनिश्री के दर्शन एवं वर्षायोग कलश स्थापना समारोह में सहभागी बनकर धर्मलाभ प्राप्त करेंगे।
“अनंत जन्मों के पुण्य का उदय”
धर्मयात्रा पर रवाना हुए श्रद्धालुओं ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा—
“यह हमारे अनंत जन्मों के पुण्य का उदय है कि हमें तीर्थ वंदना के साथ पूज्य मुनि संघ के दर्शन करने तथा उनके वर्षायोग कलश स्थापना समारोह में सहभागी बनने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। तीर्थ दर्शन और गुरुदेव के सान्निध्य का यह अवसर हमारे लिए अत्यंत पुण्यदायी एवं अविस्मरणीय है।”
श्रद्धालुओं के हृदय में तीर्थ वंदना, गुरुदेव के दर्शन और पुनः रामगंजमंडी में मुनि संघ के मंगल आगमन की भावना के साथ यह धार्मिक प्रवास प्रारंभ हुआ।




— अभिषेक जैन लुहाड़िया, रामगंजमंडी
रिपोर्ट: 9929747312
