बजरंगगढ़ तीर्थ पर लिखा गया इतिहास आज क्षुल्लक जी महाराज को ऐलक दीक्षा प्रदान की गई
… गुना बजरंगढ़ में हुई दीक्षा …
छुल्लक श्री सुधीर सागर बने अब एलक श्री सुधीर सागर महाराज
दीक्षा प्रदाता – निर्यापक श्रमण मुनि श्री सुधासागर जी महाराज
02 जुलाई 2026 समय 09:55 बजे प्रदान की गई।
पावन पुनीत तीर्थ पर निर्यापक श्रमण मुनि श्री सुधासागर जी महाराज ने कहा मुझे यहां बहुत अच्छा लग रहा है आज के दिन को भी बहुत यादगार बनाना चाहिए उन्होंने क्षुल्लक महाराज के मस्तक पर लोग केसर से संस्कार किए उन्हें ऐलक दीक्षा प्रदान की। उसके बाद तालियों की गड़गड़ाहट और जयकार की गूंज सुनाई थी।
ज्ञान सुधा की वर्षा कर रहे सुधा गुरु
धर्म की ज्योति को प्रज्वलित कर रहे सुधा बजरंगगढ़ बुंदेलखंड की धरा पर इतिहास लिख गए सुधा गुरु
धन्य है गुरु धन्य है इनकी निष्काम साधना जिनका साहस अदम्य है।
जो स्वयं मोक्ष पथ पर बढ़े जा रहे।और भव्यों को भी साथ ले जा रहे।
है निराली डगर मोक्ष का ये सफरक्या हमें गम जो गुरु सा मिला हमसफरजिनकी वाणी में तत्वों का होता जिकर जिनका मन इतना पावन हो करुणा का घरइसलिए भक्त उनके बढ़े जा रहे।
जो सदाचार संयम का मेरु शिखर जिनके चरणों में देवों की रहती बसर
जिसके चरणों में झुकता है सारा जहाँउनके चरणों में हम भी चढ़े जा रहे ।
एक राही चला ले के संकल्प बस आत्मा के अलावा परिग्रह है सब
छोड़ दो साथ उनका अकेला हो अब उनके पीछे भी लाखों चले जा रहे।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
