*भाव को सुधारो भव अपने आप सुधर — जाएगा* *सिद्ध मति माताजी* सुरेश चंद्र गांधी नोगामा जिला बांसवाड़ा राजस्थान की रिपोर्ट—-
— परम पूज्य आचार्य विभव सागर जी महाराज की शियॉ सिद्ध मति माताजी नौगामा नगर में विराजमान है आज माता जी के सानिध्य में भगवान आदिनाथ नेमिनाथ की शांति धारा माताजी के सानिध्य में हुई शांति धारा के पश्चात माताजी के मंगल प्रवचन में माताजी ने कहा कि —- माताजी भावों को सुधारों, भव अपने आप सुधर जायेंगे।
हमें बहिरंग निमित्त तो अनेक मिले लेकिन अंतरंग निमित के बिना जीवन का उत्थान नही हो पाया। अंतरंग निमित को जगाने का पुरुषार्थ स्वयं को करना है । स्वयं को पहले स्वयं में रुचि जगानी है ।इस जीवन की उप्लब्धि तब ही कुच मानी जायेगी जब हमारे परिणाम व्यवस्थित है । यदि परिणामों में शुभ की अनुमोदना करेंगे तो निरंतर सत्पथ का लक्ष्य ब्ना सकतें ।बस अन्य भिन्न चीज़ो की अनुमोदना दारुण दुख दे सकती हैं ।अत एव भीतर में उतारना ही खुद को तारना है! प्रवचन के पश्चात जिनवाणी स्तुति एवं आचार्य विद्यासागर जी सुधा सागर जी विभव सागर जी का अग चढ़ाया गया उक्त जानकारी जैन समाज प्रवक्ता सुरेश चंद्र गांधी द्वारा दी गई
