Two men in headsets sit in a small aircraft cabin, one in white traditional clothing showing something on a small orange object to the other as they talk.

स्मृति का झरोखा जब वर्ष 2018 श्री अशोक पाटनी स्वय श्री शांति कुमार धारीवाल के साथ आचार्यश्री विद्यासागर महाराज के दर्शन करने गए थे।  श्री पाटनी स्वयं कोटा उनको लेने कोटा हेलीकॉप्टर से पहुंचे थे 

धर्म

स्मृति का झरोखा जब वर्ष 2018 श्री अशोक पाटनी स्वय श्री शांति कुमार धारीवाल के साथ आचार्यश्री विद्यासागर महाराज के दर्शन करने गए थे। 

श्री पाटनी स्वयं कोटा उनको लेने कोटा हेलीकॉप्टर से पहुंचे थे 

जी हा बात वर्ष 2018 की स्मृति की जब श्री शांति कुमार धारीवाल के साथ श्री अशोक पाटनी आरके मार्बल ग्रुप स्वयं हेलीकॉप्टर से कोटा पहुंचे थे और उन्हें लेकर आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के दर्शन हेतु पपौरा जी तीर्थ लेकर पहुंचे थे

 

 

जैन गौरव श्री अशोक जी पाटनी दिनांक 23 मई 2018 हेलीकॉप्टर से सुबह सवा 12 बजे कोटा स्थित हवाई अड्डे पर पहुंचें थे इन क्षणों को लगभग 8वर्ष पूर्ण हो गए है।

जहाँ उनके साथ पूर्व मंत्री शांति कुमार धारीवाल एवं जैन समाज के संयुक्त मंत्री विकास जैन अजमेरा मध्यप्रदेश के पपोराजी तीर्थ क्षेत्र पर विराजित आचार्यभगवन्त श्री विद्यासागर जी महाराज के दर्शनार्थ हेलीकॉप्टर से सीधे टीकमगढ़ पपोरा जी पहुंचे थे।

 

Hindi poster showing a seated guru with books and many bowls of snacks; bold red headline above promises tips or info (advertisement).Promotional poster for Navin Jain Print Gallery with Buddha statues, devotional pictures, and printing equipment; includes contact numbers and Hindi text.

 

 जहाँ सभी ने आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज को श्रीफल भेंटकर राजस्थान आगमन हेतु निवेदन किया था 

 

आचार्यश्री ऐसे बिरले संत है जो सिर्फ देश हित,जनहित और अहिंसा की बात करते है। शांति कुमार धारीवाल

    प्रथम अवसर था जब पूर्व मंत्री धारीवाल ने आचार्यश्री के दर्शन किए थे और दर्शन के बाद उन्होंने कहाथा कि धरती पर साक्षात भगवान कहे जाने वाले दुर्लभ संत के बारे में खूब सुना था किंतु दर्शन कर धन्य हो गया हूँ।आचार्यश्री ऐसे बिरले संत है जो सिर्फ देश हित,जनहित और अहिंसा की बात करते है।

 

आचार्य श्री ज्ञान सागर जी महाराज द्वारा आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की मुनि दीक्षा वर्ष 1968 में 30 जून को राजस्थान के अजमेर नगर में हुई थी और लगभग 10 वर्षों तक राजस्थान में तप साधना के साथ खूब धर्म प्रभावना की थी।

 

 आचार्य श्री हमारे बीच नहीं है लेकिन उन्होंने देश में हिंदी भाषा की अनिवार्यता उपयोगिता,महिला शिक्षा,गौवंश रक्षा,बेरोजगारी दूर करने हेतु हथकरघा,चल करघा उद्योग,प्रशासनिक सेवा,देश के प्रति लगाव कर्तव्यनिष्ठा,अहिंसा शांति आदि स्थापित करने हेतु मार्गदर्शन प्रदान किया।रवाना होने से पूर्व श्री अशोक जी पाटनी एवं श्री शांति कुमार जी धारीवाल का सम्मान भी किया गया।

 

      संकलित जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312

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